Jamui incident: जमुई में छेड़छाड़ मामले में SIT गठित, राष्ट्रीय महिला आयोग ने 7 दिन के भीतर मांगी रिपोर्ट
जमुई। Jamui incident: बिहार के जमुई जिले में युवती के साथ कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली कर रही हैं। पुलिस ने मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी जारी है।
वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जांच के दौरान अब तक पांच लोगों की पहचान की गई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए वीडियो और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के साथ घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी मड़वा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ कर घटना में उनकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं। वहीं, मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।
POCSO समेत कई धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में जमुई थाना कांड संख्या 428/26, दिनांक 21 सितंबर 2026, दर्ज किया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76 और 3(5) के अलावा POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 लगाई गई हैं। SIT पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने बिहार पुलिस से घटना पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पुलिस से सात दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर भी निगरानी बढ़ गई है। आयोग ने स्पष्ट किया की महिलाओं की सुरक्षा, निजता और सम्मान से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जाएगा।
वीडियो शेयर नहीं करने की पुलिस की अपील
Jamui incident: जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से वायरल वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने यानी टेकडाउन कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोग वीडियो को डाउनलोड, शेयर या दोबारा अपलोड न करें। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल SIT घटना के पूरे घटनाक्रम, वायरल वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार कार्रवाई कर रही है।




