Raipur News: छत्तीसगढ़ में Gen-Z पर सियासत तेज, 500 करोड़ के स्टार्टअप मिशन पर सरकार का दांव, कांग्रेस ने उठाए सवाल
रायपुर। Raipur News: छत्तीसगढ़ में अब युवाओं और खासकर Gen-Z को लेकर सियासी बहस तेज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं को रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता से जोड़ने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने अगले पांच वर्षों में मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है।
सरकार का फोकस युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनाने के बजाय उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी और जॉब क्रिएटर बनाने पर है। हालांकि, विपक्षी कांग्रेस ने इन घोषणाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि सिर्फ योजनाएं घोषित करने से युवाओं का भरोसा नहीं जीता जा सकता।
500 करोड़ के मिशन में क्या है खास?
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के तहत प्रदेश के 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाने की योजना है। सरकार के मुताबिक, NIPUN JOB Engine के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। इसके जरिए स्किल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की मांग के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर रहेगा।
नौकरी मांगने के बजाय जॉब देने वाले बनेंगे युवा
सरकार का दावा है कि मिशन का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक तरीके से केवल नौकरी खोजने तक सीमित रखना नहीं है। युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और नए कारोबार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे खुद रोजगार हासिल करने के साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और उद्यमिता से जुड़े अवसरों को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के कारोबार को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों और कारोबारियों को देश के बाजार से आगे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाना है। सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। इससे प्रदेश के उत्पादों के लिए नए खरीदार और व्यापारिक संभावनाएं तैयार करने पर जोर रहेगा।
नवा रायपुर में खुलेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने की भी तैयारी है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस संस्थान के लिए 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस संस्थान में हर साल करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। सरकार इसे स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की बात कह रही है।
कांग्रेस ने सरकार के प्लान पर उठाए सवाल
युवाओं को लेकर सरकार के इन फैसलों के बीच कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि केवल कैबिनेट में फैसले लेने और योजनाओं की घोषणा करने से Gen-Z का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। पार्टी स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है।
अब फैसलों को जमीन पर उतारने की चुनौती
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की है। 500 करोड़ रुपये के मिशन के जरिए यदि युवाओं को बेहतर स्किल, रोजगार, स्टार्टअप और कारोबार के वास्तविक अवसर मिलते हैं, तो यह सरकार की बड़ी उपलब्धि बन सकती है। वहीं, विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा है कि इन घोषणाओं का धरातल पर कितना असर दिखाई देगा। Gen-Z की अपेक्षाएं भी पारंपरिक रोजगार तक सीमित नहीं हैं। युवा बेहतर स्किल, आधुनिक तकनीक, उद्यमिता, अपना कारोबार शुरू करने का अवसर और ग्लोबल मार्केट से जुड़ने की संभावनाएं चाहते हैं।
Raipur News: ऐसे में 500 करोड़ रुपये के स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन की असली परीक्षा उसके क्रियान्वयन और युवाओं तक पहुंचने वाले परिणामों से होगी। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार की इन पहलों से प्रदेश के युवाओं को कितने नए अवसर मिलते हैं और क्या ये योजनाएं युवाओं का भरोसा जीतने में सफल होती हैं।




