CG Tehsildars Strike: कलम बंद, काम बंद…प्रदेशभर के 500 तहसीलदारों की हड़ताल, विधायक की गिरफ्तारी की मांग तेज
रायपुर। CG Tehsildars Strike: छत्तीसगढ़ में राजस्व अधिकारियों और जनप्रतिनिधि के बीच विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। सरगुजा जिले के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को प्रदेशभर के तहसीलदार राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर एकत्र हुए और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया।
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छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार शामिल हुए। आंदोलनकारी अधिकारियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठाई। अधिकारियों का आरोप है कि कुछ दिन पहले विधायक ने सरगुजा जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की थी। घटना के बाद से प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी है और वे लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन के तहत अधिकारियों ने “कलम बंद, काम बंद” का ऐलान करते हुए राजस्व कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। हड़ताल के चलते राज्य की अधिकांश तहसीलों में नामांतरण, बंटवारा, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख संबंधी कार्य और अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर नागरिकों को जरूरी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।
धरना स्थल पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की भी मांग की। इस आंदोलन को पटवारी संघ का भी समर्थन मिला है। पटवारी संगठनों ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
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CG Tehsildars Strike: गौरतलब है कि इससे पहले 30 मई को भी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने स्वयं गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन अधिकारियों का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण आंदोलन को फिर से तेज किया गया है। फिलहाल राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन जारी है और आंदोलनकारी अधिकारी सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। हड़ताल के चलते प्रदेश के राजस्व कार्यों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।




