Darbhanga Airport Crisis: इंडिगो ने उत्तर बिहार को दिया बड़ा झटका! 3 दिन में 18 उड़ानें रद्द, जरूरी काम से जा रहे हजारों यात्री फंसे
'रनवे' पर अटका यात्रियों का भरोसा, अंतिम समय पर टिकट रद्द होने से हाहाकार; बीमार मां को दिल्ली ले जा रहे यात्री का दर्द सुनिए।

दरभंगा: जहां एक ओर राज्य सरकार दरभंगा एयरपोर्ट को उत्तर बिहार की लाइफलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर इंडिगो एयरलाइंस ने लगातार उड़ानें रद्द करके इस सपने को तगड़ा झटका दिया है। बीते केवल तीन दिनों (4, 5 और 6 दिसंबर) में इंडिगो की करीब डेढ़ दर्जन (18 के आसपास) उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल है।
ढाई हजार से ज़्यादा यात्री परेशान
अनुमान है कि इन तीन दिनों में ढाई हजार से ज्यादा यात्री अपनी यात्रा पूरी नहीं कर पाए। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद जैसे शहरों के लिए टिकट कटा चुके ये यात्री, ज़रूरी काम, मेडिकल इमरजेंसी और व्यापारिक मीटिंग के लिए जाने वाले थे, लेकिन अब वे एयरपोर्ट या होटलों में फंसे हुए हैं।
यात्रियों का सबसे बड़ा गुस्सा इस बात पर है कि उड़ान रद्द होने की सूचना बोर्डिंग से ठीक पहले दी जाती है। एक यात्री ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा, “मेरी मां गंभीर रूप से बीमार हैं। डॉक्टरों ने तुरंत दिल्ली लाने को कहा है। दो दिनों से यही सुन रहे हैं—फ्लाइट कैंसिल। अब हम क्या करें?”
इंडिगो का ‘ऑपरेशनल दिक्कत’ का बहाना
इंडिगो प्रबंधन लगातार ‘तकनीकी खराबी’ और ‘ऑपरेशनल दिक्कत’ का हवाला दे रहा है। लेकिन यात्रियों को न कोई ठोस जानकारी मिल रही है, न ही वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था। कई मामलों में तो रिफंड के लिए भी उन्हें भटकना पड़ रहा है। फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को टिकट के पैसे के साथ-साथ होटल का किराया और अतिरिक्त परिवहन खर्च का बोझ भी उठाना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर इंडिगो की मनमानी और ग्राहक हेल्पलाइन के बेअसर रवैये पर जमकर गुस्सा निकाला है। लोगों का कहना है कि यह हवाई सेवा नहीं, बल्कि ‘हवाई वादे’ साबित हो रहे हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि सभी स्लॉट इंडिगो के पास हैं और संचालन सुधारने की ज़िम्मेदारी भी एयरलाइंस-स्तर पर है। 26 अक्टूबर से लागू हुए विंटर शेड्यूल में जहाँ कनेक्टिविटी बढ़ने का लक्ष्य था, वहीं अब यह शेड्यूल ठप्प पड़ गया है, जिससे दरभंगा एयरपोर्ट की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल उठने लगे हैं।




