शुरू हुआ नक्सलवाद के खात्मे का काउंटडाउन, बीजापुर में 52 माओवादी कैडरों ने किया सरेंडर, इताने लाख का था इनाम
बीजापुर। Bijapur Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के अंतर्गत आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में साउथ सब जोनल ब्यूरो से संबंधित 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा का परित्याग कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। पुनर्वास में शामिल होने वालों में DKSZC के अलावा AOB डिवीजन एवं भामरागढ़ एरिया कमेटी के माओवादी भी शामिल है।
बता दें कि, बीजापुर जिले में 01 जनवरी 2024 से अब तक 824 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। तो वहीं 1126 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं और 223 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। वहीं इन 52 कैडरों में डीव्हीसीएम-01, कंपनी न.07 के-02 सदस्य, पीपीसीएम-03, एसीएम-10, डिवीजन एवं ब्यूरो पार्टी सदस्य -08, प्लाटून एवं एरिया कमेटी पार्टी सदस्य- 09, मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर- 03, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर -01, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-03, पीएलजीए सदस्य-01 एवं अलग-अलग आरपीसी के सीएनएम/DAKMS/जनताना सरकार अध्यक्ष -11 सदस शामिल हैं,जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है।
Bijapur Naxal Surrender: राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, तथा शांति, संवाद एवं विकास पर आधारित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। जिसमें रूपये 1.41 करोड़ ईनाम के 21 महिला कैडर और 31 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से स्वयं को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है।




