Sugar Price: त्योहारों से पहले चीनी के दाम में राहत, सरकार ने 30 दिन की बड़े उपभोक्ताओं की स्टॉक लिमिट, जानें 1 किलो चीनी की कीमत
नई दिल्ली। Sugar Price: त्योहारी मौसम से पहले चीनी की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के मुताबिक, खुदरा बाजार में चीनी का भाव हाल की ऊंचाई से करीब 10 फीसदी नीचे आया है। अगस्त में जहां कीमत करीब ₹65 प्रति किलो तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह लगभग ₹58.50 प्रति किलो रह गई है। कीमतों में नरमी के बीच सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति भी बढ़ाई है। हालांकि, अतिरिक्त स्टॉक के लिए एक खास शर्त लागू की गई है।
थोक उपभोक्ताओं को अब 30 दिन का स्टॉक रखने की अनुमति
केंद्र सरकार ने बड़े चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक होल्डिंग की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। यह बदलाव उन बड़े संस्थानों और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो उत्पादन प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में चीनी का इस्तेमाल करते हैं। सरकार का यह कदम आगामी त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की संभावना के बीच चीनी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखने के प्रयासों का हिस्सा है।
अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक के लिए जरूरी है आयातित चीनी
हालांकि 30 दिन की कुल सीमा का मतलब यह नहीं है कि पूरा स्टॉक घरेलू बाजार से खरीदा जा सकता है। सरकारी आदेश के मुताबिक, 15 दिनों की सामान्य सीमा से ज्यादा रखा जाने वाला स्टॉक केवल आयातित चीनी से प्राप्त किया जा सकता है। इस अतिरिक्त मात्रा के लिए चीनी का आयात Advance Authorisation Scheme (AAS) या Tariff Rate Quota (TRQ) के तहत होना जरूरी है। घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में स्टॉक सीमा पहले की तरह 15 दिनों की खपत तक ही रहेगी।
किन कारोबारियों पर लागू होगा यह नियम?
स्टॉक होल्डिंग का यह प्रावधान उन बड़े उपभोक्ताओं के लिए है, जो अपनी औद्योगिक या व्यावसायिक गतिविधियों में बड़ी मात्रा में चीनी का इस्तेमाल करते हैं। इनमें मिठाई निर्माता, बिस्किट कंपनियां, कन्फेक्शनरी उद्योग, सॉफ्ट ड्रिंक निर्माता और अन्य खाद्य एवं पेय क्षेत्र से जुड़े कारोबारी शामिल हो सकते हैं। त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य चीनी आधारित उत्पादों की मांग बढ़ने से इन उद्योगों की खपत भी बढ़ती है। ऐसे में सरकार ने अतिरिक्त आयातित स्टॉक की अनुमति देकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने की कोशिश की है।
खुदरा कीमत में करीब 10 फीसदी की गिरावट
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चीनी का खुदरा भाव अगस्त में करीब ₹65 प्रति किलो तक पहुंचने के बाद अब लगभग ₹58.50 प्रति किलो रह गया है। इस तरह उपभोक्ताओं को प्रति किलो लगभग ₹6.50 की राहत मिली है। हालांकि, सरकार ने यह भी बताया है कि मिल स्तर यानी एक्स-मिल कीमतों में करीब 25 फीसदी की गिरावट पहले ही दर्ज की जा चुकी है। इसके मुकाबले खुदरा कीमतों में कमी अभी उतनी तेजी से नहीं आई है।
सरकार ने कारोबारियों से उपभोक्ताओं को राहत देने को कहा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से अपील की है कि मिल स्तर पर कीमतों में हुई गिरावट का लाभ अंतिम ग्राहक तक भी पहुंचाया जाए। सरकार के मुताबिक, सप्लाई चेन में कीमतों में बदलाव का असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन मौजूदा गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को मिलना जरूरी है।
सरकार ने जमाखोरी पर भी बढ़ाई निगरानी
चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने केवल स्टॉक सीमा में बदलाव ही नहीं किया है, बल्कि डीलरों के लिए भी अलग से स्टॉक प्रतिबंध लागू किए हैं। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलरों की अधिकतम स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई है। यह प्रावधान 30 नवंबर 2026 तक लागू रहने वाला है। इसका उद्देश्य जमाखोरी और सट्टा कारोबार पर रोक लगाने के साथ घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है।
आखिर क्यों बढ़े थे चीनी के दाम?
सरकार की पहले की समीक्षा के मुताबिक, चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण रहे। इनमें त्योहारी सीजन से पहले मांग में बढ़ोतरी, गन्ने की फसल को प्रभावित करने वाली मौसम संबंधी परिस्थितियां, घरेलू उत्पादन का शुरुआती अनुमान से कम रहना, वैश्विक आपूर्ति की स्थिति और कुछ हिस्सों में जमाखोरी व सट्टा गतिविधियां शामिल थीं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि हाल की तेजी को केवल एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी डायवर्जन से जोड़ना सही नहीं है। केंद्र के अनुसार, उत्पादन में अनुमानित कमी के बावजूद घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त चीनी स्टॉक उपलब्ध है। नई पेराई का सीजन अक्टूबर में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे आगे बाजार में नई आपूर्ति बढ़ सकती है।
उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलेगी?
Sugar Price: सरकार की ओर से खुदरा कीमत में गिरावट दर्ज किए जाने के बावजूद अलग-अलग शहरों में चीनी के भाव अलग हो सकते हैं। वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि एक्स-मिल कीमतों में आई कमी कितनी तेजी से थोक और खुदरा बाजार तक पहुंचती है। फिलहाल ₹65 से घटकर करीब ₹58.50 प्रति किलो पहुंची खुदरा कीमत और बड़े उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन की स्टॉक सीमा त्योहारी सीजन से पहले बाजार में उपलब्धता बनाए रखने की सरकारी रणनीति का हिस्सा है।




