Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी मामले पर कांग्रेस की अहम बैठक खत्म, लिए गए ये तीन बड़े फैसले
रायपुर। Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने शनिवार को राजधानी स्थित राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में हुई बैठक में झीरम घटना से जुड़े पीड़ित परिवारों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मामले की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस ने इस मामले को लेकर तीन प्रमुख फैसलों की जानकारी दी।
MP Accident: भीषण हादसा… उफनते नाले में बही श्रद्धालुओं से भरी कार, 3 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत
आलाकमान से मुलाकात करेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि पार्टी जल्द ही कांग्रेस आलाकमान से समय लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करेगी। इस दौरान NIA कोर्ट के फैसले, मामले की जांच और आगे की कानूनी रणनीति से जुड़े विषयों पर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि बैठक में पीड़ित परिवारों की बात भी गंभीरता से सुनी गई और आगे की कार्रवाई तय करने से पहले उनसे चर्चा की गई।
दिल्ली में पीड़ित परिवारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस
बैठक में दूसरा फैसला दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का लिया गया है। कांग्रेस के मुताबिक, इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता और झीरम मामले से जुड़े पीड़ित परिवार शामिल होंगे। कांग्रेस का उद्देश्य इस मंच के जरिए मामले से जुड़े अपने सवालों और रुख को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखना है। तीसरे फैसले के तहत कांग्रेस ने कहा है कि वह NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। बैज के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
दीपक बैज बोले- फैसले से संतुष्ट नहीं
बैठक के बाद दीपक बैज ने NIA कोर्ट के फैसले पर असंतोष जताया। उनका कहना है कि अदालत के फैसले के बावजूद कांग्रेस को लगता है कि मामले के सभी पहलुओं पर पूरी तरह न्याय नहीं हुआ है। बैज ने कहा कि “फैसले से देश की जनता खुश नहीं है” और आरोप लगाया कि निचले स्तर के नक्सली आरोपियों को सजा दी गई, जबकि कांग्रेस जिन बड़े सवालों और व्यापक साजिश के पहलुओं की बात करती रही है, उनका समाधान नहीं हुआ। ये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक दावे हैं, जबकि अदालत के फैसले और उसके आधार अलग कानूनी रिकॉर्ड का विषय हैं।
13 साल पुराने मामले पर फिर गरमाई सियासत
झीरम घाटी हमला वर्ष 2013 में हुआ था और इस मामले में NIA की विशेष अदालत ने सितंबर 2026 में दोषियों के खिलाफ फैसला सुनाया है। फैसले के बाद कांग्रेस ने मामले की जांच, कथित व्यापक साजिश और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका को लेकर फिर सवाल उठाए हैं।
Balod Bus Accident: अनियंत्रित होकर पलटी यात्रियों से भरी बस, एक की मौत, 25 से ज्यादा घायल
अब आगे क्या करेगी कांग्रेस?
Jhiram Ghati Case: कांग्रेस की बैठक के बाद पार्टी की आगे की रणनीति तीन स्तरों पर तय होती दिखाई दे रही है—पहले पार्टी नेतृत्व से चर्चा, इसके बाद दिल्ली में पीड़ित परिवारों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और फिर न्यायिक प्रक्रिया के जरिए मामले को आगे बढ़ाना। बैठक में लिए गए फैसलों के बाद अब कांग्रेस की ओर से कानूनी प्रक्रिया और दिल्ली कार्यक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।




