सदन में जमकर हंगामा, विपक्ष के सभी 34 विधायक सदन की कार्यवाही से निलंबित
रायपुर। CG Assembly Winter Session Day 4: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन है। कांग्रेस के सभी विधायकों के द्वारा सदन में सत्यमेव जयते की तख्ती लेकर पहुंचने के बाद प्रश्नकाल बाधित रहा। वहीं अब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हो गई।
विपक्ष ने एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए स्थगन प्रस्ताव लाया। वहीं इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, EOW समेत जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि, सेंट्रल एजेंसियों के खिलाफ यहां चर्चा नहीं की जा सकती। सदन में बैठे लोग काफी वरिष्ठ है इसलिए इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि,तमनार में जंगल की कटाई का विरोध करने विधायक गए थे तो मेरे बेटे को ईडी ने घर से गिरफ्तार कर लिया। एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। लोकतंत्र ही खतरे में है और एजेंसियों का जिस तरीके से दुरुपयोग हो रहा है ऐसे में लोकतंत्र खतरे में है। जिसपर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि, विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव का अध्ययन किया। इस पर चर्चा नहीं हो सकती है। इसे अग्राह्य किया जाता है। इस पर विपक्ष ने सदन में हंगामा करते हुए नारेबाजी की।
वहीं अजय चंद्राकर ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र खतरे में कैसे है। अगर अध्यक्ष ने स्थगन को पहले ही अस्वीकृत कर दिया तो फिर किस हिसाब से इस स्थगन पर चर्चा हो रही है। कौन सी एजेंसी के कारण छत्तीसगढ़ को खतरा है उसका उल्लेख करिए। हवा में बात करने से कुछ नहीं होगा। जिसके बाद भूपेश बघेल ने फिर कहा कि, हिम्मत है तो चर्चा कराए।
CG Assembly Winter Session Day 4: इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने कहा कि, भारत शासन के विषय में चर्चा करना संभव नहीं है इसलिए ही इस चर्चा को पहले ही अस्वीकृत कर दिया गया है और इस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी गई है। अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पर विपक्ष के चर्चा की मांग को अस्वीकृत किया। जिसके बाद लगातार विभाग गर्भगृह में जाकर विरोध कर रहा और सत्यमेव जयते और वंदे मातरम के नारे लगा रहे। जिसके बाद गर्भगृह में प्रवेश की वजह से विपक्ष के सभी 34 विधायक सदन की कार्यवाही से स्वमेव निलंबित हुए।




