Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासु, कई राज्यों में भारी बारिश; उड़ानें रद्द, लाखों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश के तट से टकरा चुका है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब 1 बजे ओंगोल के पास तूफान ने लैंडफॉल किया। मंगलवार सुबह तक इसका असर जारी रहा। लैंडफॉल के दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की जानकारी सामने आई है।
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। विजयवाड़ा में तेज बारिश के चलते कई सड़कों पर पानी भर गया है। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से 19 उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि चेन्नई एयरपोर्ट से भी 11 फ्लाइट्स का संचालन रोक दिया गया है।
पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात
चक्रवात से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में अगले 12 घंटों के दौरान समुद्र की ऊंची लहरों और तूफानी परिस्थितियों के कारण जलभराव और बाढ़ का खतरा जताया है।
ओडिशा में 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पुरी जिले में भी भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का असर देखने को मिल रहा है।
रायगड़ा जिले में सभी 11 फायर स्टेशन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, NDRF, ODRAF और ओडिशा फायर सर्विस के 300 से अधिक बचाव दलों को राहत कार्यों के लिए तैयार किया गया है।
छत्तीसगढ़ समेत आठ राज्यों में असर की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात मुरासु का प्रभाव छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित आठ राज्यों में देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश में भी 5 नवंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
ओडिशा में 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
क्या है ‘मुरासु’ नाम का अर्थ?
चक्रवात ‘मुरासु’ का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में ‘मुरासु’ का अर्थ युद्ध का नगाड़ा होता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में यह चक्रवाती तूफान के रूप में विकसित हुआ था और अगले 24 घंटों के भीतर इसकी तीव्रता बढ़कर गंभीर चक्रवाती तूफान के स्तर तक पहुंच गई थी।
नोट: मौसम और राहत-बचाव से जुड़े आंकड़े तथा चेतावनियां समय के साथ बदल सकती हैं। प्रकाशन से पहले IMD और संबंधित राज्य प्रशासन के ताजा आधिकारिक अपडेट की पुष्टि जरूर करें।




