CG Weather News: अर्नब तूफान का असर, तेज हवा और बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, धान और सब्जियों पर मंडराया नुकसान का खतरा
रायपुर। CG Weather News: देशभर में चक्रवाती तूफान अनर्ब का कहर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों में इसका असर देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश देखने को मिल रही है। तो वहीं दूसरी ओर इस बेमौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं और बारिश से फसलों पर असर पड़ रहा है। खेतों में धान की फसल जमीन पर लेटने से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
बता दें कि, मौसम में आए इस बदलाव से उन किसानों की परेशानी बढ़ गई है, जो धान की कटाई की तैयारी कर रहे थे। ऐसे समय में बारिश और तेज हवा के कारण फसल प्रभावित होने से कटाई में देरी हो सकती है। खासकर पकने की स्थिति में पहुंच चुकी धान की फसल पर मौसम की मार पड़ने लगी है। कई जगहों पर धान की फसल जमीन पर गिरने की स्थिति सामने आई है। वहीं, टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी और अन्य हरी सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी नुकसान का डर सता रहा है।
पककर तैयार धान की फसल पर संकट
धान की फसल इस समय कई क्षेत्रों में पकने की अवस्था में पहुंच रही है। ऐसे में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से पौधों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। खेतों में धान की फसल जमीन पर लेटने से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। किसान इस समय फसल की कटाई और उपज को सुरक्षित रखने की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश होने पर खेतों में नमी बढ़ सकती है, जिससे कटाई और कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
सब्जियों की फसल को ज्यादा नुकसान की आशंका
धान के साथ-साथ सब्जियों की खेती पर भी मौसम का असर पड़ने की संभावना है। टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी और अन्य हरी सब्जियां तेज हवा और बारिश से प्रभावित हो सकती हैं। सब्जियों की फसल को लेकर किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है, क्योंकि कई सब्जियां पकने या बाजार में बिक्री के लिए तैयार होने की अवस्था में हैं। तेज बारिश से पौधों को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि खेतों में पानी भरने से सब्जियों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा रहता है। यदि मौसम लंबे समय तक खराब बना रहता है, तो सब्जियों की तुड़ाई, परिवहन और बाजार तक पहुंचाने में भी परेशानी हो सकती है। इससे किसानों की आमदनी पर असर पड़ने की आशंका है।
मौसम नहीं खुला तो बढ़ सकता है नुकसान
कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, फसलों को होने वाला वास्तविक नुकसान बारिश की अवधि, हवा की गति, खेतों में जलभराव और फसल की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि मौसम जल्द साफ नहीं होता है, तो खेतों में खड़ी फसलों को अधिक नुकसान पहुंच सकता है।
धान की फसल के गिरने से कटाई में दिक्कत आ सकती है। वहीं, सब्जियों के खेतों में पानी जमा होने से पौधों की जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी सलाह
CG Weather News: मौसम में बदलाव को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की स्थिति के अनुसार जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है। पकी हुई सब्जियों और फलों की जल्द कटाई करने से संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, बागवानी फसलों में उर्वरकों का इस्तेमाल मौसम साफ होने के बाद ही करने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान या खेतों में अधिक नमी होने पर उर्वरकों का प्रयोग करने से उनका उचित लाभ नहीं मिल पाता और पोषक तत्वों के बह जाने की आशंका भी रहती है।




