CG Cabinet Meeting: इस दिन होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक, धान खरीदी नीति 2026-27 पर लग सकती है मुहर
रायपुर। CG Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी नीति पर मुहर लग सकती है। प्रदेश के लाखों किसानों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि धान खरीदी की तारीख, समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
16 नवंबर से 31 जनवरी तक होगी धान खरीदी
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 16 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसानों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज की जा रही हैं। धान खरीदी नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद खरीदी से संबंधित नियमों और व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी का प्रस्ताव
धान खरीदी को लेकर किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी प्रति क्विंटल मिलने वाली राशि और खरीदी की सीमा है। जानकारी के अनुसार, धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का प्रावधान है। वहीं, प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी की सीमा निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।
इस व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। हालांकि, इन प्रावधानों की अंतिम पुष्टि कैबिनेट के निर्णय और सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद होगी।
किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 360 नए धान खरीदी केंद्र
राज्य सरकार किसानों को धान बेचने में होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में है। इसके तहत प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाने की जानकारी सामने आई है।
नए केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने के लिए दूर स्थित केंद्रों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे परिवहन संबंधी खर्च और समय की बचत होने के साथ ही खरीदी केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए खरीदी केंद्रों, परिवहन, भंडारण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
धान खरीदी के दौरान इस्तेमाल होने वाले बारदानों की व्यवस्था भी जारी है। पर्याप्त बारदाने उपलब्ध कराना खरीदी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि किसानों से धान लेने में किसी तरह की बाधा न आए।
कैबिनेट बैठक के फैसलों पर किसानों की नजर
CG Cabinet Meeting; 27 अक्टूबर को होने वाली साय कैबिनेट की बैठक में धान खरीदी नीति को लेकर होने वाले फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि सरकार खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। फिलहाल, धान खरीदी नीति 2026-27 के प्रस्तावित प्रावधानों पर अंतिम मुहर कैबिनेट के निर्णय के बाद ही लगेगी। ऐसे में किसानों को सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।



