इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर में मिले थे 500 के जले हुए नोट
इलाहाबाद। Justice Yashwant Verma: इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र सीधे राष्ट्रपति को सौंपा। हाल ही में उनके नाम से जुड़े विवाद और महाभियोग की चर्चाओं के बीच यह बड़ा फैसला सामने आया है।
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दरअसल, 14 मार्च 2025 को दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने की घटना के दौरान फायर ब्रिगेड टीम को स्टोर रूम से 500-500 रुपये के जले हुए नोटों के बंडल मिले थे। इस घटना के बाद देशभर में हड़कंप मच गया और न्यायमूर्ति वर्मा की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने 22 मार्च को एक तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति का गठन किया था। इस समिति ने 4 मई को अपनी रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें न्यायमूर्ति वर्मा को आरोपों में दोषी ठहराया गया बताया जा रहा है। इस बीच, कई सांसदों ने संसद में उनके खिलाफ नोटिस भी दिया था। हालांकि, इस्तीफा दिए जाने के बाद अब महाभियोग की प्रक्रिया समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
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Justice Yashwant Verma: बता दें कि, भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में कुछ ऐसे न्यायाधीश भी हुए, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे और उन्होंने महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस्तीफा देकर पद छोड़ दिया। इनमें न्यायमूर्ति पीडी दिनाकरण, न्यायाधीश सौमित्र सेन, न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वी. रामास्वामी के नाम शामिल हैं।




