राजधानी मे गैंगरेप,घर के बाहर से नाबालिग को घसीटकर उठा ले गए दरिंदे,घर से 2 KM दूर खेत मे बेसुध छोड़कर हुए फरार
Gang rape in the capital, dragged the minor from outside the house and took away the poor, leaving the field 2 km away from the house and escaped

हिमांशु/राजधानी से सटे खरोरा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है… जिस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। दरअसल 17 सितंबर की रात यहां रामायण का कार्यक्रम आयोजित था, जिसे देखने पीड़िता अपनी मां और बहन के साथ गई हुई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद रात करीब 12:30 बजे जब वह घर लौटी, तो मां और बहन घर के अंदर चली गईं। पीड़िता घर के दरवाजे में ताला लगाने बाहर निकली ही थी कि तभी बाइक पर सवार दो नकाबपोश दरिंदे उसे जबरन उठाकर ले गए।

बाइक सवार दोनों आरोपियों ने 16 वर्षीय बच्ची को कपड़े से ढककर करीब दो किलोमीटर दूर सुनसान खेत में ले जाकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। हवस मिटाने के बाद दरिंदे पीड़िता को वहीं बेसुध हालत में छोड़कर फरार हो गए।

उधर, बहन ने जब पीड़िता को घर में नहीं देखा तो लगातार कई बार फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। वही सुबह होश आने पर पीड़िता ने खुद फोन कर परिजनों को पूरी आपबीती बताई, लेकिन जगह नहीं बता पा रही थी वो किस जगह मे है… उतने मे ही गांव के ही एक युवक ने खबर दी कि बच्ची खेत में पड़ी हुई है।जिसके बाद माता-पिता ने उसे घर लाकर पुलिस और अस्पताल दोनों का सहारा लिया। फिलहाल पीड़िता का इलाज जारी है और परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।

लेकिन इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता की बड़ी बहन को कॉल कर ताना मारा*“तुम्हारी बहन घर पहुंची या नहीं…?”* और जब परिवार ने उस नंबर पर वापस फोन किया तो आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी— *“जहां शिकायत करना है कर लो, तुम कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे…”*
यानी दरिंदों की यह दुस्साहस भरी हिमाकत साफ करती है कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं… और यही वजह है कि यह मामला अब पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यवाही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। सवाल ये है कि आखिर राजधानी से सटे इलाके में ऐसी वारदातें कब तक मासूम बेटियों की अस्मिता लीलती रहेंगी और समाज कब तक इन हैवानों के खौफ में जीता रहेगा…?




