युक्तियुक्तकरण नीति से स्कूलों को मिली राहत, अब एकल शिक्षक की जगह मिले अतिरिक्त शिक्षक

सक्ती: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। सक्ती जिले के ग्राम नन्दौरखुर्द स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय, जो लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था, अब अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति से राहत महसूस कर रहा है।
करीब 31 विद्यार्थियों वाले इस स्कूल में अब तक केवल एक शिक्षक ही पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ रहा था। एकल शिक्षक के चलते कई बार बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए अन्य गांवों का रुख करना पड़ता था।
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लेकिन अब युक्तियुक्तकरण के तहत नए शिक्षक की पदस्थापना से स्कूल में न सिर्फ विषयवार पढ़ाई बेहतर होगी, बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों को भी नया जीवन मिलेगा। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।
इस बदलाव के चलते ग्रामीणों और पालकों का विद्यालय पर विश्वास बढ़ा है, और वे अब अपने बच्चों को यहीं पढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। यह पहल न केवल शिक्षकों की कमी दूर कर रही है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में भी अहम कदम साबित हो रही है।




