religiousट्रेंडिंग-न्यूज़धर्मबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़
Mohini Ekadashi 2026: मोहिनी एकादशी का व्रत आज, जानिए क्या है इसका महत्व और पूजा विधि
Mohini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत ही खास महत्व है। एक साल में 24 एकादशी होती हैं , जिनमें से प्रत्येक की अपनी कहानी, देवता से जुड़ाव और आध्यात्मिक लाभ होते हैं। ऐसे में आज मोहिनी एकादशी का व्रत है। जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष को मनाया जाता है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा होती है। पुराणों में इस व्रत को अत्यंत पुण्यदायी और कल्याकारी बताया गया है। कहा जाता है कि इस व्रत के लाभ से कष्टों से मुक्ति मिलती है। तो चलिए जानते हैं क्या है इसकी पूजा विधि।
Read More: West Bengal News: दूसरे चरण के चुनाव से पहले TMC कार्यकर्ता के घर मिले 100 जिंदा बम, इलाके में तनाव का माहौल, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
शुभ मुहूर्त
27 अप्रैल को अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों ही उपलब्ध हैं। इन मुहूर्तों में कोई भी शुभ कार्य शुरू करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। अभिजित मुहूर्त की बात करें तो दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
पूजा विधि
मोहिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, धूप-दीप और फल अर्पित कें। इसके साथ ही विष्णु सहस्रनाम या व्रत कथा का पाठ करें। दिन भर व्रत रखकर भगवान का ध्यान करके और शाम को आरती करके भोग लगाएं।
व्रत के नियम
इस दिन अन्न का सेवन नहीं किया जाता। कुछ लोग फलाहार या सिर्फ पानी पर व्रत रखते हैं। लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए।
मोहिनी एकादशी का महत्व
पौराणों के अनुसार, जब समुद्र मंथन हुआ था तो असुरों ने अमृत पर कब्जा कर लिया था, तब भगवान विष्णु ने ‘मोहिनी’ का रूप धारण कर संसार की रक्षा की थी। यह दिन न केवल व्रत का है, बल्कि अपने मन और आत्मा को शुद्ध करने का एक सुनहरा अवसर भी है। वहीं इस व्रत को करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Advertisement




