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Swine Flu: तेजी से पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू, यहां दो संक्रमित मरीजों की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

ग्वालियर। Swine Flu: मौसम में बदलाव के साथ शहर में मौसमी बीमारियों और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसी बीच ग्वालियर में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों में पिंटो पार्क निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं, जो हाल ही में मालदीव से लौटे हैं। वहीं आंध्र प्रदेश से ग्वालियर पहुंचे 23 वर्षीय युवक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। दोनों मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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स्वाइन फ्लू के संभावित प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जयारोग्य अस्पताल (JAH), 1000 बिस्तर अस्पताल और जिला अस्पताल मुरार में संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।

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1000 बिस्तर अस्पताल में हर मंजिल पर अलग वार्ड

जीआरएमसी के डीन डॉ. आरके धाकड़ के अनुसार 1000 बिस्तर अस्पताल में दूसरी से छठी मंजिल तक प्रत्येक फ्लोर पर एक-एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। हर वार्ड में दो बेड स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। मरीजों के इलाज और निगरानी के लिए अलग मेडिकल टीम भी तैयार की गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आवश्यक दवाइयों के साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

JAH में भी बेड आरक्षित

जयारोग्य अस्पताल में भी H1N1 मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. माखन लाल माहौर के मुताबिक मेडिसिन विभाग के अंतर्गत C-ब्लॉक की चौथी मंजिल पर स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए बेड सुरक्षित रखे गए हैं।

मुरार अस्पताल में तीन बेड का आइसोलेशन वार्ड

जिला अस्पताल मुरार में तीन बेड की क्षमता वाला आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। अस्पताल के डॉ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि यहां जांच के लिए मशीन मौजूद है, लेकिन फिलहाल टेस्टिंग किट उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों से टेस्टिंग किट उपलब्ध कराने की मांग की है। जब तक किट नहीं आतीं, तब तक संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए जीआरएमसी की वायरोलॉजी लैब भेजे जाएंगे।

तीन दिन में 16 हजार से ज्यादा मरीजों की ओपीडी

बदलते मौसम का असर अस्पतालों की ओपीडी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बीते तीन दिनों में JAH और जिला अस्पताल मुरार में कुल 16,222 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें 3,871 मरीज मेडिसिन विभाग में पहुंचे। मेडिसिन ओपीडी में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, शरीर में दर्द और निमोनिया जैसी शिकायतें हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग H1N1 को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी पर रहें सतर्क

चिकित्सकों के मुताबिक सामान्य फ्लू में बुखार, नाक बहना, जुकाम और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लेकिन H1N1 संक्रमण में स्थिति गंभीर होने पर तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या दर्द जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

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Swine Flu: विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सांस फूलने या सीने में जकड़न जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों और मेडिकल टीम की व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि संक्रमण के मामलों में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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