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महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, गृहमंत्री शाह ने INDI गठबंधन को घेरा, बोले- ‘अगर, मगर, किंतु, परंतु करके किया विरोध’

नई दिल्ली। Amit Shah in Parliament: महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। कल ससंद में चली लंबी बहस के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय ने देर रात महिला आरक्षण कानून 2023 लागू कर दिया। वहीं इस पर आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यह समझाया कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि, “हमारे संविधान में समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है। परिसीमन से ही SC और ST जिसकी संख्या बढ़ती है उसकी सीटें बढ़ने का भी प्रावधान है। एक प्रकार से जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वह SC और ST सीटों की बढ़ोतरी का भी विरोध कर रहे हैं।”

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उन्होंने कहा कि, कई सारे सदस्यों ने कई आशंकाएं व्यक्त की, उन्होंने कहा कि यह अभी क्यों लाया गया। मैं कहना चाहता हूं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जिक्र है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद जो परिसीमन होगा उसमें महिलाओं के लिए आरक्षण (Women Reservation Bill) सुनिश्चित किया जाएगा। 1971 में इंदिरा गांधी की सरकार थी तब वे इसे फ्रीज करके गई थी, वह फ्रीज की गई सीटों की संख्या उठाते हैं तभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन होता है इसलिए हम इसे लेकर आए।

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Amit Shah in Parliament: संसद में शाह ने कहा कि, 127 सीटें ऐसी हैं जहां 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इसमें एक व्यक्ति, एक मत और एक मूल्य के सिद्धांत का पूर्णतः उल्लंघन होता है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि परिसीमन के लिए ये लोग सहयोग कर दें, हम पर भरोसा करें, यह मूल्य एक समान हो जाएगा। महिला आरक्षण के लिए जो संविधान संशोधन है उसका किसी ने विरोध नहीं किया। सबने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं, पर INDI गठबंधन के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु इसका उपयोग करके स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है। कई जगह ऐसा दिखाई दिया कि, विरोध हमारे दृष्टिकोण की जगह हमारे क्रियान्वयन के तरीके से है। लेकिन मैं देश की जनता को स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह विरोध हमारे क्रियान्वयन के तरीके का नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ महिला आरक्षण का ही है।

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