UP Politics : यूपी चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, BJP में शामिल हुए सपा के 3 विधायक, स्मृति ईरानी ने दिलाई पार्टी की सदस्यता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और स्मृति ईरानी की मौजूदगी में ली सदस्यता
अमेठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीनों विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली। इनमें गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या जिले की गोसाईंगंज सीट के अभय सिंह और जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट के विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं।
तीनों नेताओं ने वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के रुख से अलग जाकर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मतदान किया था। इस घटनाक्रम के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगातार लगाई जा रही थीं। पार्टी से निष्कासन के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं चल रही थीं।
अब भाजपा में शामिल होने के बाद तीनों नेताओं ने अपने राजनीतिक सफर की नई शुरुआत की है। उनके साथ क्षेत्र के कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के भी भाजपा में आने का दावा किया गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव पर नजर
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में तीन विधायकों का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा इन नेताओं को आगामी चुनाव में उनकी मौजूदा विधानसभा सीटों से उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि, टिकट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
उम्मीदवारों का चयन पार्टी की रणनीति और चुनावी समीकरणों के आधार पर किया जाएगा। तीनों नेताओं का दावा है कि उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय सपा नेता और कार्यकर्ता भी भाजपा से जुड़ रहे हैं। इससे संबंधित क्षेत्रों में पार्टी संगठन और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
राकेश प्रताप सिंह का राजनीतिक सफर
गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे। वह 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा के टिकट पर गौरीगंज सीट से निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बाद उनका सपा नेतृत्व से मतभेद सार्वजनिक हो गया था। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक सफर में नया मोड़ आया है।
अभय सिंह की सियासी पृष्ठभूमि
अयोध्या जिले की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह को सपा के पुराने नेताओं में गिना जाता रहा है। उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव में पहली बार जीत हासिल की थी। वर्ष 2017 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से गोसाईंगंज सीट पर जीत दर्ज की। राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग मतदान करने के बाद उनका सपा नेतृत्व से विवाद बढ़ा। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदमों पर नजर रहेगी।
विनोद चतुर्वेदी का सियासी सफर
जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। वह वर्ष 2007 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर कालपी सीट से जीत हासिल की। वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करने के बाद वह सपा नेतृत्व से अलग हो गए थे। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
यूपी की राजनीति में नए समीकरणों पर नजर
UP Politics : तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। एक ओर भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है, वहीं दूसरी ओर सपा के लिए अपने संगठन और समर्थकों को एकजुट रखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, इस घटनाक्रम का आगामी चुनाव पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। भाजपा में तीनों नेताओं की भूमिका, संभावित टिकट और उनके क्षेत्रों में संगठनात्मक बदलाव आने वाले समय में स्पष्ट हो सकेंगे।
#WATCH | Amethi, Uttar Pradesh | Three rebel SP MLAs, Rakesh Pratap Singh, Abhay Singh, and Vinod Chaturvedi joins BJP in the presence of State BJP President Pankaj Chaudhary. https://t.co/8B0FR3B3yj
— ANI (@ANI) October 14, 2026




