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UPI Payments Dispute: अब पेट्रोल पंप पर स्वीकार नहीं होगा UPI पेमेंट, MDR के विरोध में पेट्रोलियम डीलर्स का बड़ा ऐलान

चंडीगढ़। UPI Payments Dispute: पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए UPI से भुगतान करने वाले वाहन चालकों के लिए नई परेशानी खड़ी हो सकती है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के प्रस्तावित शुल्क के विरोध में पंजाब और हरियाणा के पेट्रोल पंप संचालकों ने आवाज उठाई है। पेट्रोलियम डीलरों का कहना है कि पहले से सीमित मुनाफे में कारोबार कर रहे पंप संचालकों पर अतिरिक्त डिजिटल भुगतान शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं है।

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पंजाब में पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2,000 से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की घोषणा की थी। वहीं, हरियाणा के डीलरों ने भी प्रस्तावित शुल्क पर आपत्ति जताते हुए पेट्रोल पंपों को इससे छूट देने की मांग की है। हालांकि, दोनों राज्यों में लागू होने वाली व्यवस्था को लेकर स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

क्यों हो रहा है MDR का विरोध?

पेट्रोलियम डीलरों का कहना है कि, पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर उनका मुनाफा सीमित रहता है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ सकती है। पंजाब एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा और प्रवक्ता मोंटी सहगल ने डीलरों की वित्तीय चुनौतियों का मुद्दा उठाते हुए इस शुल्क पर चिंता जताई है। डीलरों की मांग है कि पेट्रोल पंपों को प्रस्तावित MDR व्यवस्था से बाहर रखा जाए, ताकि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर उन्हें अतिरिक्त वित्तीय बोझ न उठाना पड़े।

₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर क्या है प्रस्ताव?

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चुनिंदा मर्चेंट यानी दुकानदारों और कारोबारियों को ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI लेनदेन पर MDR देना होगा। सामान्य मर्चेंट लेनदेन के लिए 0.4 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान बताया गया है, जबकि ईंधन जैसे कुछ क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था की जानकारी दी गई थी। हालांकि, 14 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, MDR लागू करने की प्रस्तावित तारीख को दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। ऐसे में शुल्क कब और किस स्वरूप में लागू होगा, इस पर आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

क्या ग्राहकों को भी देना होगा अतिरिक्त चार्ज?

MDR का मतलब मर्चेंट डिस्काउंट रेट है। यह डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से भुगतान व्यवस्था में शामिल संस्थाओं को दिया जाने वाला शुल्क होता है। इसे सीधे ग्राहक से वसूले जाने वाले UPI चार्ज के समान नहीं समझना चाहिए। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निर्धारित MDR शुल्क व्यापारी भुगतान व्यवस्था के तहत लागू होगा और ग्राहक पर सीधे लेनदेन शुल्क डालने की अनुमति नहीं है। इसलिए ग्राहकों को यह समझना जरूरी है कि MDR का विरोध मुख्य रूप से व्यापारियों पर पड़ने वाली लागत को लेकर है।

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पेट्रोल पंप संचालकों की मांग क्या है?

UPI Payments Dispute: पेट्रोलियम डीलर चाहते हैं कि ईंधन बिक्री को प्रस्तावित MDR शुल्क से छूट दी जाए। उनका तर्क है कि पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान आम हो चुका है और अतिरिक्त लागत से कारोबार पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, MDR व्यवस्था की अगली समय-सीमा और पेट्रोल पंपों पर इसके लागू होने को लेकर आधिकारिक अपडेट पर नजर रहेगी। वाहन चालकों को भुगतान से पहले संबंधित पेट्रोल पंप पर उपलब्ध भुगतान विकल्पों की जानकारी ले लेनी चाहिए।

 

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