BIG BREAKING: PM आवास पर महामुकाबला-विजय शर्मा और भूपेश बघेल एक मंच में आमने-सामने,आंकड़ों पर पर जमकर हुई बहस

प्रविंस मनहर/रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजनीती में पहली बार पक्ष विपक्ष चुनौतियों को स्वीकार कर एक मंच साझा किये बता दे की प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर चल रहा सियासी घमासान अब सीधे आमने-सामने की बहस तक पहुंच गया है। रायपुर प्रेस क्लब में डिप्टी CM विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक ही मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों और कामकाज को लेकर तीखी बहस हुई।
दरअसल, पीएम आवास योजना को लेकर लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा था। इसी दौरान डिप्टी CM विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को खुली बहस की चुनौती दी थी। बघेल ने भी चुनौती स्वीकार करते हुए प्रेस क्लब में आमने-सामने चर्चा की बात कही थी। प्रेस क्लब में हुई बहस के दौरान विजय शर्मा ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए आवास निर्माण के आंकड़े सामने रखे। शर्मा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास पूरे किए गए हैं और 2025-26 में प्रदेश देश में सबसे ज्यादा पीएम आवास बनाने वाले राज्यों में शामिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर उठए सवाल..
विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान गरीब परिवारों के पीएम आवास अटके रहे और अब भाजपा सरकार ने आवास निर्माण की रफ्तार तेज की है। इससे पहले भी शर्मा दावा कर चुके हैं कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 11 लाख से ज्यादा पीएम आवास पूरे हो चुके हैं।
सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री का हमला..
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के आंकड़े सामने रखते हुए भाजपा सरकार के दावों पर सवाल उठाए। बघेल ने कहा कि 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1 लाख 39 हजार मकान पूरे होने का दावा किया गया। इसके अलावा 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 आवासों का लक्ष्य बताया गया। भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुल 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने कोरोना काल की आर्थिक परिस्थितियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में केंद्र और राज्य की वित्तीय स्थिति का असर योजनाओं पर पड़ा था।
पीएम आवास योजना को लेकर दोनों नेताओं के बीच आंकड़ों की यह लड़ाई पहले भी सामने आती रही है। बघेल केंद्र और राज्य के आंकड़ों में अंतर का सवाल उठा चुके हैं, जबकि विजय शर्मा सरकार के काम और आवास निर्माण की रफ्तार को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। खास बात यह है कि पहली बार पीएम आवास योजना के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के दो बड़े नेता एक मंच पर आमने-सामने हुए और अपने-अपने आंकड़ों के साथ एक-दूसरे को जवाब दिया। अब इस बहस के बाद एक बार फिर सवाल यही है कि पीएम आवास योजना के आंकड़ों में किसका दावा सही है और प्रदेश के गरीब परिवारों तक योजना का कितना लाभ पहुंचा? यही मुद्दा आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की सियासत में और गरमाने के आसार हैं।




