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छत्तीसगढ़ में पहली बार सर्कस के जानवरों की जब्ती, पेटा और वाटिका एनिमल सैंक्चुअरी ने किया 5 कुत्तों रेस्क्यू

सक्ती। PETA India: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के दभरा मेले में संचालित एक सर्कस से पशु क्रूरता का मामला सामने आया है। जहां ज्योति सर्कस द्वारा छोटे देसी कुत्ते (भारतीय स्पिट्ज़) से करतब करवाने का वीडियो वायरल होने के बाद PETA इंडिया की डॉ. किरण अहूजा, वाटिका एनिमल सैंक्चुरी और सक्ती पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच कुत्तों को रेस्क्यू किया।

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जानकारी के अनुसार,सर्कस द्वारा इन कुत्तों से शो में प्रदर्शन करवाना पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA) 1960 और दिल्ली उच्च न्यायालय के 09 फरवरी 2022 के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन था, जिसमें बिना पंजीकृत सर्कस के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। जिसकी सूचना मिलते ही वाटिका एनीमल सैंक्चुरी के संस्थापक कस्तूरी बल्लाल और संकल्प गायधनी ने पुलिस एवं डॉ. अहूजा के साथ मिलकर छापा मारा, जबकि स्वयंसेवक वंचना लबन, दीपेश मौर्य और ऊर्जा श्रृंगारपुरे ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेस्क्यू किए गए पांचों कुत्तों को पशु चंदखुरी स्तिथि वाटिका एनिमल सैंक्चुअरी में रखा है और जल्द ही उनके गोद लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सर्कस के पास नहीं था सर्टिफिकेट

मामले में बताया गया कि, ज्योति सर्कस इन कुत्तों से शो में करतब करवा रहा था, लेकिन इसके पास जरूरी ‘परफॉर्मिंग एनिमल्स रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (PARC)’ नहीं था। यह सर्टिफिकेट ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, के Performing Animals (Registration) Rules, 2001 के तहत एक अनिवार्य दस्तावेज है। PETA इंडिया को मिले वीडियो में देखा जा सकता है कि कुत्तों को प्रदर्शन क्षेत्र में अलग-अलग प्लास्टिक की कुर्सियों पर बैठाया गया था और एक व्यक्ति रिंग मास्टर के रूप में हाथ के इशारे और कमांड के माध्यम से कुत्तों को निर्देशित कर रहा था। चार कुत्तों को उनकी पिछली ट्रेनिंग और नियंत्रण के माध्यम से अस्वाभाविक स्थिति में पीठ के बल चलने के लिए मजबूर किया गया।

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पशुओं को दिया जाता था तनावपूर्ण प्रशिक्षण

PETA इंडिया सीनियर मैनेजर, वीगन और कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स डॉ. किरण अहूजा ने कहा कि- “सर्कस में उपयोग किए जाने वाले पशुओं को अस्वाभाविक, तनावपूर्ण प्रशिक्षण दिया जाता है, लगातार यात्रा करवाई जाती है, और जब उनका इस्तेमाल नहीं होता तो उन्हें पिंजरे में कैद या फिर जंजीर से बांध कर रखा जाता है। PETA इंडिया ने इस रेस्क्यू के लिए  सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, IPS का आभार जताया। वहीं PETA इंडिया ने सर्कस ने अनुरोध करते हुए कहा कि, वे बाकी कुत्तों और अन्य किसी पशु, जिनका इस्तेमाल गैरकानूनी रूप से सर्कस में करते हैं उन्हें छोड़ दें।

नहीं मिलता था पर्याप्त पशु चिकित्सीय देखभाल

वहीं भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड (AWBI) के कई निरीक्षण और PETA इंडिया की कई जांचों से साबित हुआ है कि सभी सर्कस क्रूर हैं। वैध PARC वाले सर्कस में भी, जब पशुओं का प्रदर्शन नहीं होता, उन्हें छोटे तंग और बदबूदार पिंजरों में कैद या जंजीर से बंधा पाया गया। सर्कस में रहने वाले पशुओं को अक्सर पर्याप्त पशु चिकित्सीय देखभाल, भोजन, पानी और आश्रय नहीं मिलता, और उन्हें दंड के माध्यम से करतब दिखाने के लिए मजबूर किया जाता है। कई पशुओं में सर्कस में रहने के कारण तनाव और पीड़ा की वजह से बार बार दोहराने वाला व्यवहार देखा जाता है।

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PETA India:  PETA इंडिया जो इस सिद्धांत के तहत काम करता है कि “पशु हमारा मनोरंजन या किसी भी अन्य तरीके से दुरपयोग करने के लिए नहीं हैं”, सर्कस को मैकेनिकल हाथी और अन्य गैर-पशु विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। Gemini Circus और Rambo Circus कुछ प्रदर्शन में यांत्रिक पशुओं का उपयोग करते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया PETAIndia.com देखें या X, Facebook, और Instagram पर PETA इंडिया को फॉलो करें।

 

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