BSP Iron Theft Case: अब CBI करेगी BSP लोहा चोरी मामले की जांच, छत्तीसगढ़ सरकार ने दी जांच के लिए सहमति, राजपत्र में अधिसूचना जारी
रायपुर। BSP Iron Theft Case: छत्तीसगढ़ में सामने आए BSP लोहा चोरी मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में जाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच CBI से कराने के लिए सहमति दे दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही CBI को मामले की जांच का अधिकार देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
राजपत्र में जारी हुई अधिसूचना
जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने को लेकर राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की है। इस निर्णय के बाद केंद्रीय एजेंसी को मामले से जुड़े तथ्यों, आरोपों और कथित लोहा चोरी के नेटवर्क की जांच करने का अधिकार मिलेगा। जांच का दायरा प्रदेश में सामने आए मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं तक रहने की बात कही जा रही है।
विधायक रिकेश सेन की शिकायत के बाद मामला चर्चा में
BSP से जुड़े लोहा चोरी के मामले को लेकर विधायक रिकेश सेन की शिकायत के बाद मामला लगातार सुर्खियों में रहा। शिकायत और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई में कथित चोरी, अवैध तरीके से लोहा निकाले जाने और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच की गई। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई लोगों के नाम सामने आए और पुलिस ने अलग-अलग चरणों में गिरफ्तारियां कीं।
अब तक 21 से अधिक गिरफ्तारियां
पुलिस की कार्रवाई में अब तक 21 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी गई है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी किए गए लोहे की खरीद-फरोख्त में कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था।
रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के अधिकारी भी गिरफ्तार
मामले में रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के एमडी और डायरेक्टर की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसके अलावा भाजपा मंडल अध्यक्ष भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी का भी उल्लेख सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि मामले में नामजद या गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
CBI जांच से सामने आ सकते हैं नए तथ्य
BSP Iron Theft Case: अब CBI के जांच संभालने के बाद मामले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन, कथित चोरी के माल की सप्लाई और उससे जुड़े लोगों के नेटवर्क की नए सिरे से पड़ताल हो सकती है। केंद्रीय एजेंसी जांच के दौरान आरोपों से संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच करेगी। राज्य सरकार की ओर से जांच के लिए सहमति दिए जाने के बाद अब इस मामले की आगे की कार्रवाई CBI की जांच प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ेगी।





