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No UPI Day: आज घर से निकलने से पहले रख लें कैश, वरना झेलनी होगी परेशानी, No UPI Day पर व्यापारी संगठनों में मतभेद

नई दिल्ली। No UPI Day: अगर आप आज 2 अक्टूबर को खरीदारी, रेस्टोरेंट या किसी अन्य जगह भुगतान करने की योजना बना रहे हैं, तो एहतियात के तौर पर कुछ नकदी साथ रखना उपयोगी हो सकता है। दरअसल, कुछ व्यापारी संगठनों ने प्रस्तावित UPI Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ मनाने का ऐलान किया है। हालांकि, देशभर के व्यापारी संगठन इस मुद्दे पर एकमत नहीं हैं। कुछ संगठन इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ ने इससे खुद को अलग कर लिया है।

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CTI ने किया No UPI Day का आह्वान

दिल्ली के Chamber of Trade and Industry (CTI) ने 2 अक्टूबर को No UPI Day मनाने की अपील की है। संगठन के मुताबिक, इस दिन व्यापारी UPI से भुगतान स्वीकार न कर केवल कैश लेने का विकल्प अपना सकते हैं। CTI ने व्यापारियों से अपने UPI QR कोड या मशीनों को काले कपड़े से ढकने की भी अपील की है।

CTI का दावा है कि उसके अभियान को 100 से अधिक बड़े व्यापारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है और यह विरोध 2,000 से अधिक स्थानों पर दिखाई दे सकता है। संगठन प्रस्तावित MDR को वापस लेने की मांग कर रहा है।  हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 2 अक्टूबर को हर दुकान, होटल या रेस्टोरेंट में UPI बंद रहेगा। अलग-अलग व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों का रुख अलग हो सकता है।

CAIT ने No UPI Day से बनाई दूरी

दूसरी ओर Confederation of All India Traders (CAIT) ने स्पष्ट किया है कि उसने 2 अक्टूबर को No UPI Day मनाने का कोई फैसला नहीं किया है। संगठन के अनुसार, इस संबंध में उसकी ओर से न कोई प्रस्ताव पारित किया गया है और न ही कोई आधिकारिक आह्वान किया गया है। इस तरह 2 अक्टूबर को UPI को लेकर व्यापारिक संगठनों के बीच स्थिति एक जैसी नहीं है। इसलिए ग्राहकों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि पूरे देश में UPI भुगतान बंद रहेगा।

क्या है ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट का नया नियम?

प्रस्तावित नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा, जब भुगतान ₹2,000 से अधिक होगा। इस शुल्क का भुगतान व्यापारी करेगा, ग्राहक से सीधे यह शुल्क वसूलने का प्रावधान नहीं है।  उदाहरण के तौर पर ₹3,000 के पात्र UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR ₹12 होगा, जबकि ₹50,000 के भुगतान पर यह राशि ₹200 होगी। ₹75,000 या उससे अधिक के भुगतान पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है।

₹2,000 तक के भुगतान पर क्या होगा?

नए ढांचे में ₹2,000 तक के सामान्य पात्र भुगतान इस MDR के दायरे में नहीं होंगे। वहीं Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन भी इस शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार के अनुसार, ग्राहकों से UPI भुगतान के लिए अलग से यह शुल्क नहीं लिया जाएगा और व्यापारी पर लगने वाले MDR को ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी।  कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसे क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के पात्र भुगतान पर फ्लैट ₹5 MDR का प्रावधान बताया गया है।

व्यापारियों की मुख्य चिंता क्या है?

व्यापारी संगठनों का विरोध मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि बड़े UPI लेनदेन पर MDR लागू होने से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। CTI का दावा है कि इससे बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ सकता है। संगठन ने सरकार से प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।  वहीं, सरकार का कहना है कि MDR व्यवस्था डिजिटल पेमेंट सिस्टम के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और विस्तार की लागत को टिकाऊ तरीके से संभालने के लिए लाई गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहक से अलग UPI शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा

UPI MDR को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत ने 28 सितंबर को इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार, RBI और NPCI से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि MDR लगाने का कानूनी आधार क्या है और इस शुल्क से मिलने वाली राशि किसे प्राप्त होगी तथा उसका वितरण किस तरह होगा।  फिलहाल अदालत ने MDR व्यवस्था की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। संबंधित पक्षों के जवाब मिलने के बाद मामले पर आगे सुनवाई होगी।

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2 अक्टूबर को ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

No UPI Day:  2 अक्टूबर को सभी दुकानों पर UPI बंद रहने की स्थिति नहीं है। क्योंकि व्यापारी संगठनों का रुख अलग-अलग है, इसलिए किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर भुगतान के विकल्प अलग हो सकते हैं। ऐसे में अगर आप खरीदारी या बाहर खाने-पीने के लिए निकल रहे हैं, तो UPI के साथ थोड़ी नकदी रखना एक व्यावहारिक सावधानी हो सकती है। वहीं, प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR का मतलब यह नहीं है कि 15 अक्टूबर से हर UPI भुगतान पर ग्राहक को 0.4 प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा।

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