दर्दनाक हादसा: पूजा के अखंड ज्योत से लगी आग, एक ही परिवार के पांच लोग बुरी तरह झुलसे
मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की तड़के एक हृदय विदारक घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्य भीषण आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। यह हादसा माड़ीपुर इलाके में उस वक्त हुआ जब पूजा घर में जल रही अखंड ज्योत का दीपक गिर गया, जिससे पूरा घर आग की चपेट में आ गया।

मुजफ्फरपुर: शुक्रवार की सुबह मुजफ्फरपुर का माड़ीपुर इलाका उस समय स्तब्ध रह गया, जब एक घर से आग की लपटें और चीख-पुकार सुनाई दी। सुबह करीब 4:45 बजे जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, गणेश प्रसाद के घर में आग लग गई। यह आग उनके पूजा घर में जल रही अखंड ज्योत के दीपक के गिरने से लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
आग इतनी तेज थी कि परिवार को संभलने का मौका ही नहीं मिला। 55 वर्षीय गणेश प्रसाद (55%), उनके बेटे सन्नी कुमार (40%), बहू रुचिका गुप्ता (20%) और उनके दो मासूम बच्चे मनाया (6) और जुगनू (3) (दोनों 30% झुलसे) बुरी तरह से जल गए। सभी को तुरंत इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) ले जाया गया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
अस्पताल पहुंचे परिजनों ने एसकेएमसीएच प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुबह के समय अस्पताल में कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं था, और उन्हें जरूरी दवाएं और मेडिकल सामग्री भी बाहर से खरीदनी पड़ी। गंभीर हालत होने के बावजूद मरीजों को आईसीयू वार्ड में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलीं, जिससे उनके आक्रोश में और वृद्धि हुई। परिजनों के अनुसार, तीन मरीजों की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के अस्पताल में रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही, फायर ब्रिगेड की चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के घरों को सुरक्षित रखा जा सका। पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है।
मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
स्थानीय लोगों के अनुसार, गणेश प्रसाद का परिवार बेहद धार्मिक था और घर में पूजा-पाठ नियमित रूप से होती थी। वही धार्मिक आस्था पूरे परिवार के लिए काल बन गई। मासूम बच्चों, मनाया और जुगनू की हालत देखकर मोहल्ले का हर व्यक्ति गमगीन है। पड़ोसियों की आंखों में आंसू हैं और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। यह दुखद घटना एक बार फिर सुरक्षा और सावधानी के महत्व को उजागर करती है, खासकर जब पूजा-पाठ के दौरान ज्वलनशील वस्तुएं पास में हों।




