
नई दिल्ली : पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई है। इस सफल मिशन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन में हमने हनुमान जी के आदर्शों का पालन किया है। उन्होंने कहा, “जैसे हनुमान जी ने अशोक वाटिका में केवल उन राक्षसों को मारा जिन्होंने उन्हें मारा था, वैसे ही भारतीय सेना ने भी सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाया।”
हनुमान जी के पराक्रम से जुड़ी तुलनाएं
रक्षा मंत्री ने रामचरितमानस के सुंदरकांड का हवाला देते हुए कहा कि जैसे हनुमान जी ने माता सीता से मिलने के बाद अशोक वाटिका को उजाड़ा, राक्षसों से लड़ा और रावण के समक्ष जाकर सच को उजागर किया, वैसे ही भारतीय सेना ने संयम के साथ पराक्रम दिखाया। उन्होंने हनुमान जी के संवाद “जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे” को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत ने पहले हमला नहीं किया, लेकिन जवाब जरूर दिया।
रावण को हनुमान जी की चेतावनी की याद
राजनाथ सिंह ने कहा कि हनुमान जी ने रावण को चेताया था कि भगवान राम के शत्रु की रक्षा कोई नहीं कर सकता – न ब्रह्मा, न विष्णु और न ही शिव। ठीक उसी तरह, आज का भारत भी आतंक के संरक्षकों को स्पष्ट संदेश देता है कि शांति की इच्छा कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत का प्रमाण है।
आधुनिक भारत और पुरातन आदर्शों का संगम
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आधुनिक भारत की सैन्य शक्ति और प्राचीन भारतीय मूल्यों के संयोजन का प्रतीक है। यह दिखाता है कि भारत किसी पर पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर उसके मासूम नागरिकों को मारा जाता है, तो वह चुप भी नहीं बैठता।




