रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने की शुरुआत बारिश और खराब मौसम के साथ हुई है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराने के बाद इस चक्रवात का प्रभाव छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
बस्तर संभाग में ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात का सबसे अधिक प्रभाव बस्तर संभाग में देखने को मिल सकता है। बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर सहित आसपास के जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं बस्तर संभाग के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।
रायपुर में भी बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में भी चक्रवात का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
6 नवंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 6 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है।
ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।




