CG Congress News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन को सक्रिय करने की तैयारी, जल्द मिल सकता है जिलों का प्रभार
रायपुर। CG Congress News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन को और अधिक सक्रिय करने की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों को जल्द ही जिलों का प्रभार सौंपा जा सकता है। संगठन स्तर पर जिला और विधानसभा क्षेत्रों की गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करने के लिए नई जिम्मेदारियां तय करने की तैयारी चल रही है।
महामंत्री और उपाध्यक्षों को मिल सकती है जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री और उपाध्यक्षों को जिला प्रभारी बनाए जाने की तैयारी है। संगठन की जरूरत के अनुसार कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों को एक से ज्यादा जिलों की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। जिला प्रभारी बनाए जाने के बाद पदाधिकारियों की जिम्मेदारी अपने-अपने जिलों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने की होगी।
जिला और विधानसभा स्तर पर होगी मॉनिटरिंग
कांग्रेस संगठन की ओर से जिला और विधानसभा स्तर की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और स्थानीय गतिविधियों की लगातार समीक्षा करने पर रहेगा। जिला प्रभारियों के माध्यम से संगठन की गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रदेश स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत किए जाने की संभावना है।
कार्यकारिणी बैठक में उठा था जिला प्रभार का मुद्दा
बताया जा रहा है कि लंबे समय से जिला प्रभार नहीं दिए जाने का मुद्दा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उठा था। बैठक में संगठन को ज्यादा सक्रिय बनाने और पदाधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी देने पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने जिला प्रभार तय करने के निर्देश दिए हैं। अब पार्टी स्तर पर संभावित जिला प्रभारियों के नामों को लेकर कवायद तेज होने की उम्मीद है।
संगठन में बढ़ेगी जवाबदेही
CG Congress News: जिला प्रभार सौंपे जाने के बाद प्रदेश पदाधिकारियों की जवाबदेही भी तय होने की संभावना है। प्रभारी अपने संबंधित जिलों में संगठन की स्थिति, पार्टी गतिविधियों और विधानसभा स्तर की तैयारियों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को देंगे। फिलहाल कांग्रेस संगठन में जिला प्रभार को लेकर अंतिम सूची का इंतजार है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश पदाधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।




