Examination System Change: परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब साल भर की पढ़ाई से तय होगा रिजल्ट, स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश जारी

रायपुर। Examination System Change: छत्तीसगढ़ में स्कूली विद्यार्थियों के मूल्यांकन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1वीं से 11वीं तक के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम केवल वार्षिक परीक्षा के अंकों पर आधारित नहीं होगा, बल्कि पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान उनके प्रदर्शन को भी रिजल्ट में शामिल किया जाएगा।
पूरे साल की पढ़ाई का मिलेगा लाभ
नई मूल्यांकन व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रदर्शन का सालभर आकलन करना है। इसके तहत अलग-अलग कक्षाओं के लिए त्रैमासिक, छमाही और वार्षिक परीक्षाओं के अंकों को निर्धारित वेटेज के आधार पर अंतिम परिणाम में जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों के पूरे साल के प्रदर्शन को महत्व मिलेगा।
कक्षा 1 से 4, 6वीं और 7वीं में तीन स्तर पर मूल्यांकन
स्कूल शिक्षा विभाग के नए प्रावधानों के अनुसार कक्षा 1 से 4 तथा कक्षा 6वीं और 7वीं के विद्यार्थियों के अंतिम मूल्यांकन में त्रैमासिक, छमाही और वार्षिक परीक्षाओं के अंक शामिल किए जाएंगे। यानी इन कक्षाओं में विद्यार्थियों का रिजल्ट पूरे शैक्षणिक सत्र में हुए विभिन्न मूल्यांकनों के आधार पर तैयार होगा।
5वीं और 8वीं में छमाही-वार्षिक परीक्षा का तय वेटेज
कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए भी मूल्यांकन का पैटर्न बदला गया है। इन कक्षाओं में छमाही परीक्षा के अंकों को अंतिम परिणाम में 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, जबकि वार्षिक परीक्षा के अंकों का 70 प्रतिशत योगदान रहेगा। इस व्यवस्था से वार्षिक परीक्षा के अंकों का महत्व अधिक रहेगा, लेकिन छमाही परीक्षा में विद्यार्थी का प्रदर्शन भी अंतिम रिजल्ट को प्रभावित करेगा।
9वीं और 11वीं के लिए भी 30:70 का फॉर्मूला
कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए भी छमाही और वार्षिक परीक्षा के अंकों का अनुपात निर्धारित किया गया है। इन कक्षाओं में छमाही परीक्षा का 30 प्रतिशत और वार्षिक परीक्षा का 70 प्रतिशत वेटेज अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।
वार्षिक परीक्षा पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेगा रिजल्ट
नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों के लिए पूरे साल नियमित पढ़ाई और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण होगा। अब केवल साल के अंत में होने वाली वार्षिक परीक्षा के प्रदर्शन से ही अंतिम परिणाम तय नहीं होगा। अलग-अलग चरणों में होने वाले मूल्यांकन के अंक भी रिजल्ट का हिस्सा बनेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के इस बदलाव से विद्यार्थियों के नियमित अध्ययन और निरंतर मूल्यांकन पर जोर बढ़ेगा। नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को इसी निर्धारित वेटेज के आधार पर संचालित किया जाएगा।



