CG Government Budget: साय सरकार के चौथे बजट की तैयारी शुरू, वित्त सचिव ने 20 नवंबर तक विभागों से मांगे प्रस्ताव
रायपुर। CG Government Budget: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह साय सरकार का चौथा बजट होगा। वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख सचिव (PS), सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर नए बजट से संबंधित प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
1 अक्टूबर से शुरू होगी बजट प्रक्रिया
वित्त विभाग के तय कार्यक्रम के मुताबिक बजट प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। सभी विभागों को अपने प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर 20 नवंबर 2026 तक वित्त विभाग को जमा करना होगा। विभागों को नए खर्च और योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव तैयार करते समय वित्तीय जरूरत, प्राथमिकता और व्यय की उपयोगिता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त सचिव करेंगे विभागीय सचिवों से चर्चा
प्रस्ताव जमा होने के बाद वित्त विभाग इनकी समीक्षा और विभागीय स्तर पर चर्चा शुरू करेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसंबर से 17 दिसंबर 2026 तक वित्त सचिव की संबंधित विभागों के सचिवों के साथ बैठकें होंगी। इस दौरान विभागों की ओर से भेजे गए बजट प्रस्तावों, उनकी जरूरत और वित्तीय प्रावधानों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
जनवरी में वित्त मंत्री स्तर पर होगी चर्चा
अगले चरण में 4 जनवरी से 18 जनवरी 2027 तक वित्त मंत्री ओपी चौधरी की अन्य विभागीय मंत्रियों के साथ चर्चा प्रस्तावित है। इस दौरान खास तौर पर नए खर्च से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। वित्त विभाग के कार्यक्रम के मुताबिक नवीन मदों से संबंधित प्रस्तावों को इसी उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान आगे बढ़ाने और मंजूरी देने की प्रक्रिया होगी।
अपरीक्षित और परीक्षित मदों को लेकर निर्देश
वित्त विभाग ने बजट प्रस्ताव तैयार करने के संबंध में प्राथमिकताएं भी तय की हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अपरीक्षित नवीन मदों की तुलना में परीक्षित मदों से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं। वहीं, अपरीक्षित नवीन मद के प्रस्तावों पर केवल मंत्री स्तर की चर्चा में विचार किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इसका उद्देश्य नए व्यय प्रस्तावों की आवश्यक समीक्षा के बाद उन्हें बजट में शामिल करना है।
पंचायत और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए भी निर्देश
वित्त विभाग ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के बजट प्रस्तावों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय करके तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्र प्रायोजित योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बजट शीर्ष खोलने पर भी जोर दिया गया है। केंद्रीय योजनाओं से जुड़े फंड के समय पर जारी होने और योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय अड़चन न आए, इसके लिए SNA-SPARSH मॉडल के तहत उचित बजट प्रावधान की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा।
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CG Government Budget: अब सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र की योजनाओं और आगामी वित्तीय जरूरतों का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करेंगे। इनमें नई योजनाएं, मौजूदा योजनाओं के विस्तार, आवश्यक वित्तीय प्रावधान और अन्य विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। वित्त विभाग की समीक्षा के बाद ही तय होगा कि कौन-कौन से प्रस्ताव अंतिम बजट में जगह बना पाएंगे।




