Advertisement
ट्रेंडिंग-न्यूज़दिल्लीबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

PM Modi Meeting: अब लेट नहीं होंगी ट्रेनें…रेलवे के 7 हाई डेंसिटी कॉरिडोर को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों को बड़ा फायदा

नई दिल्ली। PM Modi Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 9 सितंबर 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में देश के सात हाई डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर को फोर-लेन यानी चार ट्रैक में विकसित करने की दिशा में अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी साझा की। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे के उन प्रमुख रूटों की क्षमता बढ़ाना है, जहां मौजूदा समय में यात्री और माल यातायात का दबाव काफी अधिक है। इन कॉरिडोर पर रेलवे का करीब 40 प्रतिशत ट्रैफिक संचालित होता है।

CG Police Transfer List: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल… 7 थाना प्रभारियों का तबादला, कमिश्नर ने जारी किए आदेश

खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन को मंजूरी

मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क के तहत खड़गपुर से झारसुगुड़ा के बीच 367 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस पर करीब 6,528 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह अरक्कोनम से रेनिगुंटा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। करीब 77 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 1,936 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सात प्रमुख हाई डेंसिटी रूट होंगे चार ट्रैक

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत सात ऐसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर को चार ट्रैक वाला बनाया जा रहा है, जिन पर लंबे समय से यातायात का दबाव है। इनमें दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता, कोलकाता-दिल्ली, दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-कोलकाता जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली-गुवाहाटी रूट भी इस हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा है।

इन मार्गों को मिलाकर लगभग 11 हजार किलोमीटर का हाई डेंसिटी नेटवर्क तैयार होता है। सरकार के मुताबिक करीब 2 हजार किलोमीटर पर चार लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 5 हजार किलोमीटर हिस्से पर काम चल रहा है या उसे मंजूरी मिल चुकी है। बाकी करीब 4 हजार किलोमीटर के लिए डीपीआर और अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-कटनी सेक्शन पर भी जोर

रेलवे विस्तार की इस योजना में छत्तीसगढ़ को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य में बिलासपुर से पेंड्रा और आगे कटनी की दिशा में रेल नेटवर्क को चार ट्रैक वाला बनाने पर काम किया जा रहा है। इस सेक्शन के कुछ हिस्सों में पहले से तीन लाइनें मौजूद हैं, जबकि कई जगह दोहरी रेल लाइन है। ऐसे में पूरे बिलासपुर-कटनी सेक्शन की क्षमता बढ़ाने के लिए इसे चार लाइन वाले नेटवर्क में विकसित करने की योजना है।

वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से रेल नेटवर्क के विस्तार की जरूरत महसूस कर रहा था। पिछले वर्षों में राज्य में कई नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।

5 राज्यों के 14 जिलों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

सरकार के अनुसार, इन रेल परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में रेलवे नेटवर्क करीब 656 किलोमीटर तक बढ़ेगा। इस विस्तार का सीधा लाभ करीब 4,790 गांवों में रहने वाले 56 लाख लोगों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल संपर्क से इन क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

Train Cancelled: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर… 42 ट्रेनें रद्द और 25 के रूट बदले, सफर से पहले जरूर चेक करें स्टेटस

धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी आसान

PM Modi Meeting: रेल नेटवर्क के विस्तार से कई प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी सुगम होने की उम्मीद है। सरकार ने बताया कि इन परियोजनाओं से तारातारिणी मंदिर, झारसुगुड़ा जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक, ज्वालेश्वर धाम, अचनकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सरकार का कहना है कि हाई डेंसिटी कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने से न केवल ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा, बल्कि यात्री परिवहन के साथ माल ढुलाई की क्षमता में भी इजाफा होगा।

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close