Delhi Building Collapse:सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, असुरक्षित बहुमंजिला इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू, 35 को नोटिस जारी
नई दिल्ली। Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में जर्जर और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। हादसे वाली बिल्डिंग से सटी एक अन्य बहुमंजिला इमारत को भी निगम ने असुरक्षित घोषित करते हुए अब उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच MCD की टीम ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बगल की बहुमंजिला इमारत को भी जोखिम भरा पाया गया, जिसके बाद उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।
विशेषज्ञों की निगरानी में हो रहा डिमोलिशन
MCD अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इमारत को पहले ही खतरनाक और असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। अब इसे नियंत्रित तरीके से गिराने का काम किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि शाम के समय काम रोक दिया गया था और अगले दिन सुबह फिर से डिमोलिशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इमारत अचानक ढह न जाए, इसे ध्यान में रखते हुए चारों तरफ लोहे के सपोर्ट लगाए गए हैं। पूरी कार्रवाई विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है, ताकि डिमोलिशन के दौरान आसपास की इमारतों और लोगों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
बिल्डिंग में संचालित था लड़कियों का PG
जिस इमारत को गिराने की कार्रवाई की जा रही है, उसमें लड़कियों का PG संचालित होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद एहतियातन PG को तत्काल खाली करा दिया गया था। इसके बाद MCD ने मकान नंबर 13 के मालिक और वहां रह रहे लोगों को भवन खाली करने के साथ-साथ इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया। निगम के अनुसार, इमारत की हालत ऐसी थी कि उसे बनाए रखना आसपास के लोगों और दूसरी इमारतों के लिए खतरा बन सकता था। डिमोलिशन शुरू करने से पहले PG में रहने वाले छात्रों को अपना जरूरी सामान बाहर निकालने का समय दिया गया।
दो दिन में करीब 1,100 PG की जांच
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में PG और छात्र आवासों की जांच के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। निगम की टीमों ने पिछले दो दिनों में राजधानी के सभी 12 जोनों में लगभग 1,100 PG संपत्तियों का सर्वे किया। निगम के अनुसार, इन PG में करीब 20,250 छात्र रह रहे हैं। निरीक्षण के दौरान भवन नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर कई संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
MCD के मुताबिक, 24 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया। 27 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए। 7 संपत्तियों को सील किया गया। 35 संपत्ति मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। सीलिंग से जुड़े मामलों में 6 अतिरिक्त कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। यह अभियान खासतौर पर उन इलाकों में चलाया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG और किराये के आवास में रहते हैं। इनमें लक्ष्मी नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, करोल बाग, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई प्रमुख इलाके शामिल हैं।
अब दिल्ली के सभी PG की होगी मैपिंग
हादसे के बाद MCD कमिश्नर ने दिल्ली में संचालित PG की व्यापक मैपिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि छात्र आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारतें भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। मैपिंग के दौरान भवन की मौजूदा स्थिति, किए गए निर्माण और अतिरिक्त मंजिलों की भी जांच की जाएगी। निगम ने खास तौर पर बिना अनुमति पांचवीं मंजिल के निर्माण को लेकर सख्ती के निर्देश दिए हैं। MCD के निर्देश के अनुसार, यदि किसी निर्माणाधीन भवन में अवैध रूप से पांचवीं मंजिल बनाई जा रही है, तो उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पहले से बनी पांचवीं मंजिल वाले भवनों को भी सर्वे के दायरे में लाया जाएगा।
जांच में 52 PG मिले जर्जर
निगम की जांच के दौरान दिल्ली में 52 PG इमारतें खस्ताहाल स्थिति में मिली हैं। इन भवनों के मालिकों को जरूरी मरम्मत और सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। MCD के मुताबिक, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सभी 12 जोनों में सर्वे का काम जारी है। खासतौर पर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास स्थित PG और अन्य छात्र आवासों को प्राथमिकता के आधार पर जांचा जा रहा है। निगम का दावा है कि अभियान के दौरान अवैध निर्माण और जर्जर स्थिति के चलते 48 इमारतों को गिराया गया, जबकि 15 संपत्तियों को सील किया गया है। जहां सुरक्षा मानकों में गंभीर कमी या नियमों का उल्लंघन मिला, वहां तत्काल कार्रवाई की गई।




