Safai Karmchari Protest: सफाई कर्मियों का प्रदर्शन जारी, डिपो के बाहर पुलिस की सख्ती, लाठीचार्ज कर कई लोगों को लिया हिरासत में
हिमांशु पटेल/ रायपुर। Safai Karmchari Protest: रायपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। लगातार तीसरे दिन भी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो पाया,जिससे शहर के कई इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना (Safai Karmchari Protest) करना पड़ा। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोग घरों के बाहर कचरे से भरे डस्टबिन लेकर कचरा गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गाड़ियां नहीं पहुंचीं।
Read More: CG New DGP: अरुण देव गौतम होंगे छत्तीसगढ़ के नए DGP, गृह विभाग ने जारी किया आदेश, अशोक जुनेजा को दी गई विदाई
पुलिस और कर्मचारियों के बीच झूमाझटकी
दलदल सिवनी स्थित यार्ड में सुबह से ही बड़ी संख्या में कचरा कलेक्शन वाहन खड़े रहे। यहां सफाई कर्मचारियों और ड्राइवरों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और (Safai Karmchari Protest) कर्मचारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को खदेड़ा और कई लोगों को बस में भरकर धरना स्थल से हटाया। वहीं, कुछ शीर्ष पदाधिकारियों को पुलिस थाने भी ले गई। इस दौरान कई कर्मचारियों को चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है।
2025 से अब तक नहीं किया गया भुगतान
शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही DSW Ramky कंपनी ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है। कंपनी का आरोप है कि नगर निगम की ओर से मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि निगम द्वारा बार-बार केवल आंशिक भुगतान किया जा रहा है, जबकि डीजल, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के वेतन सहित संचालन खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
Read More: India UAE Big Deal: PM मोदी के अबू धाबी दौरे का बड़ा असर, India के तेल भंडार होंगे और मजबूत, UAE जमा करेगा 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल
Safai Karmchari Protest: इधर कचरा गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर भी वेतन बढ़ाने और भुगतान की अनिश्चितता को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि और समय पर भुगतान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। सफाई व्यवस्था ठप होने से शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं। लोगों ने निगम प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान बिगड़ी व्यवस्था ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।




