3 संशोधन बिल पेश होते ही सदन में हंगामा, सपा सांसद ने किया परिसीमन बिल का विरोध
नई दिल्ली। Women Reservation Bill 2026: लोकसभा में परिसीन बिल पेश होते ही हंगामा शुरू हो गया है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने तीनों ही बिल का विरोध करते हुए कहा कि, ये जो तीनों बिल आएं हैं मैं इन तीनों ही बिलों को पुरजोर विरोध करता हूं। आज एक ऐसा बिल आया है। जो हमारे संविधान को ही तोड़-मरोड़ रहे हैं और इसका हम समाजवादी पार्टी के लोग पुरजोर विरोध करते हैं। जिस तरह से डिलिमिटेशन को जनगणना से पृथक किया जा रहा है. ये मैं समझता हूं कि ये संविधान की भावनाओं के पूरी तरह से विरोध में हैं।
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उन्होंने कहा कि, जिस तरह से महिला बिल के चासनी के आधार पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है वहीं हाल पूरे देश के करने का प्रयास है जिसका हम संपूर्ण विपक्ष की ओर से पुरजोर विरोध करते हैं। इस बिल में जब तक पिछड़े वर्ग की महिलाएं, मुस्लिम भाइयो की महिलाएं शामिल नहीं होंगी, तब तक समाजवादी पार्टी इसका साथ नहीं देगी। माजवादियों से बड़ा महिलाओं का हितैषी इस देश की कोई पार्टी नहीं है। आज भी आपसे ज्यादा सदस्य हमारे पास हैं। इस बिल को संविधान संशोधन बिल को परिसीमन बिल को केंद्र आज संशोधन बिल को वापस लिया जाए और 2023 के बिल को लागू किया जाए।
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Women Reservation Bill 2026: वहीं कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संशोशदन विधेयक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी संविधान को हाईजैक करना चाहती है। उन्होंने बिल को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं करा रहे। आप धोखा देकर ये बिल लाना चाहते है। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, ” मैं पूरे देश को बताना चाहता हूँ कि जनगणना की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला लिया है, और जाति के आंकड़ों के साथ ही गणना की जा रही है। अगर समाजवादी पार्टी के बस में होता, तो वे तो घरों को भी जातियाँ दे देते। धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही। यह असंवैधानिक है। धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है।”




