Flood Crisis बिहार में जलप्रलय: गंगा, कोसी, बागमती समेत कई नदियां उफान पर
पटना से भागलपुर तक बाढ़ का कहर, प्रशासन अलर्ट पर, राहत कार्य तेज
PATNA.बिहार में मॉनसून की भारी बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्रों से आ रहे पानी ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है। गंगा, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, घघरा, पुनपुन, और गंडक जैसी प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे राज्य के 10 जिलों में 17.62 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन गांवों के गांव जलमग्न हो चुके हैं, और लाखों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

नदियों का उफान और प्रभावित क्षेत्र
गंगा नदी का कहर: केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष पटना की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी पटना के दीघा घाट पर 18 सेंटीमीटर, गांधी घाट पर 76 सेंटीमीटर, हाथीदह में 107 सेंटीमीटर, और भागलपुर में 88 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बक्सर में जलस्तर में कमी शुरू हुई है, लेकिन यह अभी भी चेतावनी बिंदु से 16 सेंटीमीटर ऊपर है। भागलपुर के ममलखा पंचायत में गंगा का पानी सड़कों, मंदिरों और घरों तक पहुंच गया है, जिससे गांव का अस्तित्व खतरे में है।
कोसी और बागमती का प्रकोप: कोसी नदी, जिसे ‘बिहार की शोकिनी’ कहा जाता है, खगड़िया के बलतारा में 89 सेंटीमीटर और कटिहार के कुरसेला में 152 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है। सुपौल के वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्राव 2,09,965 क्यूसेक दर्ज किया गया। बागमती नदी मुजफ्फरपुर के बेनिबाद में 67 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे दर्जनों गांवों में जलभराव हो गया है।
बूढ़ी गंडक और घघरा की स्थिति: खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी खतरे के निशान से 186 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि घघरा नदी सीवान के दराउली में 27 सेंटीमीटर और गंगपुर सिसवन में 17 सेंटीमीटर ऊपर है। इन नदियों के उफान ने खगड़िया, सुपौल, और सीवान के निचले इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
अन्य नदियाँ: पुनपुन नदी पटना के श्रीपालपुर में 53 सेंटीमीटर और गंडक नदी वाल्मीकिनगर बराज पर तेजी से बढ़ रही है, जहाँ 1,29,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। सोन, फाल्गू, और कमला बालन जैसी नदियाँ अभी खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
प्रभावित जिले और लोग
बिहार के 10 जिलों—पटना, भोजपुर, भागलपुर, वैशाली, लखीसराय, सारण, मुंगेर, खगड़िया, सुपौल, और बेगूसराय—के 46 प्रखंडों की 269 ग्राम पंचायतों में 17.62 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कटिहार में 6 प्रखंडों में 5 लाख लोग प्रभावित हैं, जहाँ गंगा, कोसी, और कारी कोसी का जलस्तर बढ़ने से स्कूल और घर पानी में डूब गए हैं। भागलपुर में 4.16 लाख, बेगूसराय में 3.15 लाख, और भोजपुर में 2.55 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।





