CG Monsoon Satra: मानसून सत्र में सरकार से होंगे तीखे सवाल, 5 दिन के सत्र के लिए अब तक 1033 प्रश्न लगाए गए
रायपुर। CG Monsoon Satra: छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी पांच दिवसीय मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्र के दौरान सरकार को विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों के कई अहम सवालों का सामना करना पड़ेगा। विधानसभा सचिवालय के अनुसार अब तक विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 1033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं, जिन पर सदन में चर्चा होने की संभावना है।
गृह विभाग रहेगा सबसे ज्यादा निशाने पर
इस बार प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध और हाल के दिनों में सामने आई विभिन्न घटनाओं को लेकर गृह विभाग सबसे अधिक चर्चा के केंद्र में रहने वाला है। विधायकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल लगाए हैं। सदन में सरकार से इन मुद्दों पर विस्तृत जवाब मांगा जाएगा।
ट्रैफिक व्यवस्था पर भी होगी चर्चा
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, जाम और सड़क सुरक्षा के मुद्दे भी विधानसभा में उठेंगे। विधायकों ने शहरी यातायात प्रबंधन, दुर्घटनाओं की रोकथाम और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार से जवाब तलब किया है।
किसानों से जुड़े मुद्दे भी रहेंगे प्रमुख
मानसून सत्र में कृषि से जुड़े विषय भी प्रमुखता से गूंजेंगे। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर कई सवाल लगाए गए हैं। विशेष रूप से डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण व्यवस्था और भंडारण की स्थिति पर सरकार को जवाब देना होगा।
खेती की तैयारियों पर सरकार से होगी पूछताछ
विधायकों ने प्रदेश में खरीफ फसलों की तैयारी, सिंचाई व्यवस्था, कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी प्रश्न लगाए हैं। सरकार से यह जानकारी मांगी जाएगी कि किसानों को समय पर बीज, खाद और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
CG Monsoon Satra: मानसून सत्र के दौरान गृह, कृषि, नगरीय प्रशासन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दों पर भी प्रश्नकाल के दौरान चर्चा होगी। विधानसभा में सरकार की नीतियों, योजनाओं और विभागीय कार्यप्रणाली पर विस्तार से जवाब मांगे जाएंगे।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही मानसून सत्र केवल पांच दिनों का होगा, लेकिन बड़ी संख्या में लगाए गए प्रश्नों के कारण यह सत्र काफी हंगामेदार और महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।:::




