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CJP Protest: CJP प्रोटेस्ट से बिखरे विपक्ष हुए एकजुट! कांग्रेस-RJD तक सब एक सुर में, क्या PM मोदी- BJP के खिलाफ तीसरा मोर्चा हो रहा तैयार ?

नई दिल्ली। CJP Protest:  नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ अभियान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बीच इन मुद्दों पर विपक्षी दल पहले से कहीं अधिक सक्रिय दिखाई दिए। युवा आंदोलन ने बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट और मुखर होने का एक मजबूत हथियार दे दिया है। एक तरफ जहां संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन के अंदर विपक्ष के तीखे तेवर दिखे तो संसद के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन की गूंज रही। विपक्ष ने पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और कई दूसरे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दल अब संसद के अंदर इस मुद्दे को उठाने की रणनीति बनाई है।

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संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने सदन के भीतर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वहीं संसद के बाहर प्रदर्शनकारी छात्र और विभिन्न संगठनों के समर्थक अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया। मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ था, लेकिन सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज ने उन्हें एकजुट कर दिया है कांग्रेस से लेकर सपा और आरजेडी सहित तमाम विपक्षी पार्टी अब एक सुर में सरकार पर निशाना साधते नजर आ रही है।

जेपी नड्डा से मुलाकात

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाओं ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया। विपक्षी दलों ने इन घटनाओं की आलोचना करते हुए सरकार से जवाब मांगा, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों को आवश्यक बताया। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया। सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और ज्ञापन पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा। वहीं CJP नेताओं ने दावा किया कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ने चर्चा का भरोसा दिया है।

सरकार को घेरने बनाई रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं से जुड़े मुद्दों ने विपक्ष को एक साझा राजनीतिक मंच उपलब्ध कराया है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित कई विपक्षी दलों ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के सवालों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में परीक्षा संबंधी विवादों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्रों की आवाज सुने जाने की बात कही। पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी सरकार पर जनसरोकारों के प्रति संवेदनशील न होने का आरोप लगाया।

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CJP Protest: समाजवादी पार्टी ने भी छात्रों के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का प्रयास किया। पार्टी सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में कई सांसद विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सपा ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताया। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कर सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि वह सभी पक्षों की बात सुनने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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