Advertisement
ट्रेंडिंग-न्यूज़पॉलिटिक्सबड़ी खबरबिहारब्रेकिंग न्यूज़

Bihar SIR controversy: बिहार में SIR पर सियासी घमासान तेज, प्रदर्शनकारियों ने फूंका पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CJI ज्ञानेश कुमार का पुतला

पटना। Bihar SIR controversy: बिहार में एसआईआर (Special Intensive Revision) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। महागठबंधन ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में बुधवार, 7 अक्टूबर को प्रदेश के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और कथित ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। हालांकि, ये विपक्ष द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

BJP Targets Rahul And Akhilesh: ‘अहंकार में डूबे हैं राहुल गांधी और अखिलेश यादव’, INDIA ब्लॉक मार्च के बाद बीजेपी ने साधा निशाना

पटना में पुतले लेकर प्रदर्शन

राजधानी पटना में महागठबंधन के प्रदर्शन का केंद्र राजद कार्यालय के आसपास का इलाका रहा। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले लेकर सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी इनकम टैक्स गोलंबर की ओर पहुंचे, जहां उन्होंने तीनों पुतलों का दहन किया। महागठबंधन नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर किया जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल

आंदोलन को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इससे पहले ही महागठबंधन की रणनीति स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से किए जाने का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जाने की घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

उनका सवाल था कि यदि सरकारी संसाधनों और धन के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हुई, तो उस पर चुनाव आयोग ने क्या कदम उठाए। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों को पहले भी उठाया गया था, लेकिन उन्हें लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया और तथ्य अलग से महत्वपूर्ण होंगे।

8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

महागठबंधन ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। 7 अक्टूबर को प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन के बाद 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी है। राजधानी पटना में भी महागठबंधन के विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता विशेष मार्च निकालेंगे। प्रस्तावित मार्च सप्तमूर्ति से लोकभवन तक निकाले जाने की बात कही गई है।

PM Modi 25 Years: पीएम मोदी के 25 साल पूरे, CM से लेकर तय किया देश के प्रधानमंत्री तक का सफर, कहा- ‘WE WILL DO IT’

चुनावी पारदर्शिता को बनाया मुद्दा

Bihar SIR controversy: महागठबंधन इस पूरे अभियान को चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़कर पेश कर रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में राजनीतिक दलों और मतदाताओं को पर्याप्त जानकारी मिलनी चाहिए तथा चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। वहीं, एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा। आने वाले दिनों में जिला मुख्यालयों और पटना में प्रस्तावित प्रदर्शनों के साथ बिहार की राजनीति में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close