Raipur Digital Arrest: फर्जी पुलिस का खौफ, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर शिक्षक को बनाया ऑनलाइन बंधक, फिर की 18 लाख की ठगी
हिमांशु पटेल/ रायपुर। Raipur Digital Arrest: राजधानी रायपुर में डिजिटल अरेस्ट का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को एटीएस, एनआईए और पुलिस का अधिकारी बताकर 60 वर्षीय शिक्षक को करीब तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और जांच के नाम पर 18 लाख रुपये ठग लिए। मामला सड्डू के सेक्टर-6 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का है। शिक्षक अखिलेश कुमार मिश्र के पास 24 सितंबर को फोन आया।
जानकारी के अनुसार, कॉलर ने खुद को नया रायपुर एटीएस का वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बताया और दावा किया कि उनके आधार नंबर से जम्मू-कश्मीर में बैंक खाता खोला गया है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। शिक्षक को गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाया गया इसके बाद वर्दी पहने युवक ने वाट्सएप वीडियो कॉल पर पूछताछ की। ठगों ने शिक्षक से परिवार, बच्चों, बैंक खातों, एफडी, वाहन और संपत्ति तक की जानकारी हासिल कर ली। अगले दिन कथित एनआईए अधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच में सहयोग करने पर नॉट इन्वॉल्वमेंट सर्टिफिकेट मिलेगा। ठगों ने चल संपत्ति की रकम आरटीजीएस से जमा कराने को कहा।
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Raipur Digital Arrest: शिक्षक ने एफडी तुड़वाई और 27 सितंबर को बताए गए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के ‘JAMKA VALVE’ खाते में 18 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने पासबुक अपडेट कर उसकी फोटो भी वाट्सएप पर मंगाई और फर्जी आरबीआई प्रमाणपत्र भेज दिया। मामले में रेंज साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




