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Delhi Building Collapse: दिल्ली बिल्डिंग हादसा… मलबे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मौत का आंकड़ा 7 पहुंचा

नई दिल्ली। Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद सोमवार को भी राहत और बचाव अभियान जारी है। ढही हुई इमारत के मलबे को हटाने के दौरान सोमवार को एक और शव बरामद किया गया। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 7 हो गई है। रेस्क्यू टीम अब भी मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई है। हादसे के बाद अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि गंभीर रूप से घायल 5 लोगों को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है।

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मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका

रेस्क्यू ऑपरेशन को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। राहत दल मलबे के अंदर संभावित स्थानों की जांच के लिए रेस्क्यू डॉग और विशेष कैमरों की मदद ले रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। मलबा हटाने का काम बेहद सावधानी से किया जा रहा है, क्योंकि घटनास्थल के आसपास मौजूद अन्य ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।

बिल्डिंग मालिक की तलाश में जुटी पुलिस

हादसे के बाद इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि वह गुरुग्राम में रहता है और घटना के बाद से फरार है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें बनाई गई हैं। साउथ कैंपस थाने में दर्ज FIR में गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की जान को खतरे में डालने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

कैसे हुआ पूरा हादसा?

यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ। करीब 40 साल पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में कई दिनों से निर्माण और तोड़फोड़ का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि बेसमेंट पहले से कमजोर था और वहां पानी भी जमा था। बताया जा रहा है कि खुदाई के दौरान एक पिलर अपनी जगह से खिसक गया। इसके बाद देखते ही देखते पूरी इमारत ढह गई। उस वक्त वहां काम कर रहे मजदूर भी मलबे की चपेट में आ गए।

MCD रिकॉर्ड में इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था

हादसे के बाद इमारत की स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दिल्ली नगर निगम के रिकॉर्ड में यह इमारत पहले से खतरनाक घोषित नहीं थी। अब प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इमारत में चल रहे निर्माण या बेसमेंट से जुड़े काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत

घटना के बाद दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने कहा है कि चार मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुई इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के जरिए हादसे की वजह, निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी। वहीं, 6 सितंबर के MCD आदेश के बाद सत्य निकेतन इलाके में जर्जर और खतरनाक इमारतों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऐसी इमारतों को गिराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

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आसपास की दूसरी इमारत भी खाली कराई गई

Delhi Building Collapse: रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रशासन ने हादसे के पास मौजूद एक अन्य इमारत को भी खाली करा दिया है। इस बिल्डिंग में दरारें देखी गई हैं, जिससे उसके अस्थिर होने की आशंका जताई जा रही है। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान आसपास की इमारत पर दबाव पड़ने से खतरा बढ़ सकता है। इसलिए एहतियात के तौर पर उसे सपोर्ट देने के लिए अतिरिक्त पिलर लगाए जा रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंचना और आसपास की इमारतों को किसी और नुकसान से बचाना है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में कुल नुकसान और जिम्मेदारी की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

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