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Sukma News: सुकमा में बदली फिज़ा, नक्सल प्रभावित गांवों के युवा अब थाम रहे वर्दी की राह

सुकमा। Sukma News:  कभी नक्सल हिंसा और भय के लिए पहचाने जाने वाले सुकमा जिले के दूरस्थ इलाकों में अब बदलाव की तस्वीर दिखाई दे रही है। जिन क्षेत्रों में कभी पुलिस और सुरक्षा बलों की वर्दी डर का कारण मानी जाती थी, वहीं अब युवा उसी वर्दी को पहनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना देख रहे हैं।

युवाओं को पुलिस एवं सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार करने सुकमा पुलिस द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। आगामी ‘बस्तर बटालियन’ भर्ती परीक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस लाइन में करीब 1,000 बालक-बालिकाओं को शारीरिक और लिखित परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है।

सुबह 5:30 बजे से शुरू होती है तैयारी

प्रशिक्षण शिविर में प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से 10 बजे तक युवाओं को शारीरिक दक्षता का अभ्यास कराया जाता है। इसके साथ ही सामान्य ज्ञान और लिखित परीक्षा से जुड़े विषयों की तैयारी भी कराई जा रही है। युवाओं को भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा और शारीरिक परीक्षण को लेकर जरूरी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

पूवर्ती, सिलगेर और जगरगुंडा के युवा भी शामिल

इस प्रशिक्षण में सुकमा के दूरस्थ और लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे इलाकों के युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। पूवर्ती, सिलगेर और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों से पहुंचे युवक-युवतियां पूरे उत्साह के साथ भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

खास बात यह है कि प्रशिक्षण शिविर में युवतियों की भागीदारी भी लगभग बराबर है। बेटियां भी शारीरिक दक्षता के अभ्यास में युवकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं।

एसपी मयंक गुर्जर कर रहे मॉनिटरिंग

सुकमा एसपी मयंक गुर्जर स्वयं प्रशिक्षण शिविर का नियमित निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। वे प्रशिक्षण ले रहे युवक-युवतियों से संवाद कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। एसपी युवाओं को असफलता से निराश न होकर लगातार मेहनत करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दे रहे हैं।

वर्दी की ओर बढ़ता कदम, बदलाव की नई तस्वीर

Sukma News: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया के लिए अवसर उपलब्ध कराने की यह पहल उन्हें रोजगार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कभी हिंसा के साये में रहे इलाकों से युवाओं का पुलिस और सुरक्षा बलों की वर्दी की ओर बढ़ता कदम सुकमा में बदलते माहौल की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है।

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