
IAS Subodh Kumar Singh:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने का मामला सामने आया है। रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले 23 वर्षीय अर्जुन कुमार जाटव को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में आरोपी के मोबाइल से अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के नाम पर भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने से जुड़े साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस इन मामलों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, सुशांत पनका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाया है। शिकायत के आधार पर राखी थाने में मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच रायपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को सौंपी गई।जांच के दौरान पुलिस ने फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारियों का तकनीकी विश्लेषण किया। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी अर्जुन कुमार जाटव की पहचान की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
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मोबाइल की जांच में मिले दूसरे फर्जी अकाउंट के साक्ष्य
इस मामले में पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने से संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस अब इन अकाउंट्स से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।वरिष्ठ अधिकारियों के नाम और पहचान का सोशल मीडिया पर दुरुपयोग लोगों को भ्रमित करने के साथ साइबर धोखाधड़ी का कारण भी बन सकता है। ऐसे में पुलिस इस मामले के तकनीकी पहलुओं और आरोपी की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
88 लाख रुपये की साइबर ठगी में एक और गिरफ्तारी
रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने एक अन्य मामले में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में कानपुर निवासी 46 वर्षीय प्रवीण कुमार दीक्षित को भी गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, इस मामले में रश्मि शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी रकम की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सऐप से संबंधित जानकारियों का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान हुई।
फर्जी एजेंसी के जरिए बैंक खातों के इस्तेमाल का आरोप
पुलिस का कहना है कि प्रवीण कुमार दीक्षित कथित तौर पर ‘दीक्षित एजेंसी’ के नाम से फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाते खुलवाने और धोखाधड़ी से प्राप्त रकम जमा कराने में शामिल था। पूछताछ के दौरान अन्य साथियों के संबंध में भी जानकारी मिलने की बात कही गई है।पुलिस के मुताबिक, संबंधित बैंक खाते को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन शिकायतों और कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।
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रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत यह कार्रवाई की। दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी दी गई है।पुलिस अब फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स, संदिग्ध बैंक खातों और कथित साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामलों से संबंधित अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।




