Mahanadi Dispute Meeting: इस दिन होगी महानदी विवाद पर हाई लेवल बैठक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अध्यक्षता
रायपुर। Mahanadi Dispute Meeting: छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल बंटवारे के विवाद को सुलझाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में हाईलेवल बैठक प्रस्तावित है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे।
जल बंटवारे और प्रबंधन पर होगी चर्चा
बैठक में महानदी के पानी के बंटवारे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर दोनों राज्यों के बीच चर्चा होने की संभावना है। लंबे समय से चले आ रहे इस अंतरराज्यीय विवाद को आपसी बातचीत और तकनीकी स्तर पर सहमति के जरिए सुलझाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। ओडिशा के एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा है कि दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में होगी और आपसी समझ के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
2018 से ट्रिब्यूनल के सामने लंबित है मामला
महानदी जल विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2018 को महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का गठन किया था। ओडिशा की ओर से छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी हिस्से में बनाए गए बैराज और जल परियोजनाओं को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं। विवाद का एक प्रमुख मुद्दा गैर-मानसून अवधि में ओडिशा की ओर नदी के पानी के प्रवाह से जुड़ा रहा है। हालांकि मामला न्यायिक प्रक्रिया में रहा है, पिछले कुछ महीनों में दोनों राज्यों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशों में तेजी आई है।
जुलाई में भी हुई थी अहम बैठक
इससे पहले 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई थी। केंद्र सरकार के अनुसार बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच महानदी जल विवाद का आपसी सहमति से समाधान तलाशना था। बैठक में जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए थे।
20 सितंबर को साय-माझी की भी हुई मुलाकात
इसके बाद 20 सितंबर को भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने महानदी समेत दोनों राज्यों के बीच सहयोग और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद साय ने महानदी जल मुद्दे को बातचीत के जरिए जल्द सुलझने की उम्मीद जताई थी।
CWC की रिपोर्ट और तकनीकी चर्चा भी अहम
Mahanadi Dispute Meeting: मामले में केंद्रीय जल आयोग (CWC) की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हालिया प्रक्रिया के तहत दोनों राज्यों के बीच हुई बैठकों से संबंधित विवरण ट्रिब्यूनल के समक्ष भी रखा गया है। दोनों राज्यों के बीच तकनीकी स्तर पर भी चर्चा चल रही है। अब 1 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर नजर रहेगी कि महानदी के जल बंटवारे और प्रबंधन को लेकर दोनों राज्यों के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनती है और आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।



