Nepal Flood Death Toll: नेपाल में बाढ़ से अब तक 332 मौतें और 1500 से ज्यादा लोग लापता, भोटेकोशी में फिर बढ़ा खतरा
काठमांडू। Nepal Flood Death Toll: नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। फ्लैश फ्लड के चलते अब तक करीब 332 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने सड़कों, पुलों और दूसरे बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, बाढ़ के तेज बहाव में 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। इसके कारण कई इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह या आंशिक रूप से टूट गया है। आपदा की चपेट में 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी आई हैं, जबकि कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए।
सेना ने 250 से ज्यादा लोगों को बचाया
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सेना ने अब तक 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। हालांकि, कई लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में भारतीय नागरिकों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। दुर्गम इलाकों में रास्ते और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
यूपी-बिहार में भी बढ़ी सतर्कता
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती नदी क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार प्रशासन को अलर्ट किया गया है। गंडक, नारायणी और कोसी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। महराजगंज और कुशीनगर समेत उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। बिहार के छह जिलों में भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय समेत संबंधित विभाग पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर आपदा की स्थिति पर जानकारी ली और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
तिब्बती समुदाय ने की प्रार्थना
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई आपदा को लेकर तिब्बती समुदाय में भी चिंता है। 2000 से ज्यादा तिब्बती लोग त्सुगलागखांग मंदिर में प्रार्थना सभा के लिए जुटे। कार्यक्रम का आयोजन सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से किया गया। इस दौरान तिब्बती सरकार के मंत्री, संसद सदस्य और CTA के कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभा में आपदा में जान गंवाने वालों और प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की गई।
भोटेकोशी में फिर मंडरा रहा खतरा
इस बीच नेपाल सरकार ने भोटेकोशी नदी के निचले इलाकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। नेपाल के विदेश मंत्रालय को चीन से मिली जानकारी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों और शुरुआती विश्लेषण में नदी के एक हिस्से में पानी रुकने और एक नई झील बनने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके टूटने का खतरा बना हुआ है। अगर प्राकृतिक अवरोध टूटा तो भोटेकोशी नदी के निचले हिस्सों में अचानक फिर बाढ़ आ सकती है।
Nepal Flood Death Toll: इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, यात्रियों और राहत-बचाव कार्य में जुटे कर्मियों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अगले आदेश तक लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।




