Air India Flight Turbulence: एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस, कई यात्री घायल, कराई गई एमरजेंसी लैंडिंग
नई दिल्ली। Air India Flight Turbulence: थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान सोमवार को तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। उड़ान के दौरान अचानक आए जोरदार झटकों से विमान में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में 12 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को दिल्ली पहुंचने के बाद मेडिकल जांच और उपचार के लिए भेजा गया।
जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट AI2379 निर्धारित मार्ग पर दिल्ली की ओर आ रही थी। इसी दौरान ऊंचाई पर अचानक मौसम में बदलाव के कारण विमान को तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि विमान कुछ समय के लिए तेजी से नीचे आया और जोरदार हिचकोले खाने लगा, जिससे कई लोग अपनी सीटों पर उछल गए।
कई यात्रियों को आई चोटें
घटना में कुछ यात्रियों के कान, गर्दन और कंधे में चोटें आई हैं। एक यात्री के परिजन ने बताया कि अचानक हुए दबाव परिवर्तन के कारण उनके भाई के कान में गंभीर चोट आई। वहीं अन्य यात्रियों ने भी तेज झटकों के चलते शारीरिक चोट लगने की जानकारी दी।
पायलट ने सुरक्षित कराई लैंडिंग
विमान में कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा, लेकिन पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार दिया। लैंडिंग के तुरंत बाद मेडिकल टीम ने घायलों की जांच की और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया।
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि टर्बुलेंस के दौरान कुछ यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं। एहतियात के तौर पर सभी प्रभावित लोगों को एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर भेजा गया, जहां उनकी जांच और देखभाल की जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा मामले की जांच में संबंधित एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जाएगा।
क्या होता है टर्बुलेंस?
Air India Flight Turbulence: टर्बुलेंस वह स्थिति होती है जब उड़ान के दौरान विमान अस्थिर वायु धाराओं से गुजरता है। मौसम में अचानक बदलाव, गर्म और ठंडी हवा का टकराव, जेट स्ट्रीम, बादलों की गतिविधि या पहाड़ी क्षेत्रों के ऊपर बनने वाली वायु तरंगें इसकी प्रमुख वजह होती हैं। अधिकांश मामलों में टर्बुलेंस सामान्य विमानन प्रक्रिया का हिस्सा होता है, लेकिन कभी-कभी इसके कारण यात्रियों और चालक दल को चोटें भी लग सकती हैं। ऐसे समय सीट बेल्ट बांधे रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है।




