अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप: 250 से ज्यादा मौतें, सैकड़ों घायल
कुनार और नंगरहार प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित, दुर्गम इलाकों में राहत-बचाव कार्य जारी, मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका
काबुल : अफगानिस्तान के पूर्वोत्तर इलाके में रविवार देर रात आए भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी। रिक्टर पैमाने पर 6.0 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर से करीब 27 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की गहराई मात्र 8 से 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके बेहद तेज महसूस किए गए।

अफगान मीडिया रिपोर्टों और सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कम से कम 250 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कई गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और दर्जनों लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
गांवों में भारी तबाही
कुनार और नंगरहार प्रांत के कई इलाकों में कच्चे और पत्थर-मिट्टी से बने घर जमींदोज हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शरफत ज़मान ने कहा – “एक ही गांव से 30 शव बरामद किए गए हैं। हताहतों की सही संख्या अभी बताना मुश्किल है, क्योंकि कई इलाकों तक राहत टीमें पहुंच नहीं पाई हैं।”
प्रांतीय सूचना प्रमुख नजीबुल्लाह हनीफ ने बताया कि घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, लेकिन चिकित्सा सुविधाओं की कमी और सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्य बाधित हो रहा है।

बचाव कार्य में मुश्किलें
भूकंप प्रभावित इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की वजह से राहत टीमों को गांव-गांव पहुंचने में कठिनाई हो रही है। तालिबान सरकार की ओर से बचाव दलों को भेजा गया है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाके और खराब बुनियादी ढांचे के कारण राहत कार्य धीमा चल रहा है।
राजधानी काबुल से भी झटके महसूस किए गए। काबुल निवासी अहमद ज़मीर (41) ने बताया – “भूकंप इतना तेज था कि लोग अपार्टमेंट से डरकर सड़कों पर निकल आए। सभी को डर था कि कहीं इमारतें गिर न जाएं।”
तालिबान सरकार की अपील
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर कहा – “आज रात के भूकंप में हमारे पूर्वी प्रांतों में जनहानि और वित्तीय नुकसान हुआ है। स्थानीय अधिकारी और लोग पूरी कोशिश कर रहे हैं कि प्रभावित लोगों को बचाया जा सके। राजधानी और अन्य प्रांतों से भी बचाव टीमें भेजी जा रही हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।”
पाकिस्तान में भी झटके
भूकंप का असर पड़ोसी पाकिस्तान में भी महसूस किया गया। पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत के कई हिस्सों में कंपन महसूस किए गए। हालांकि वहां बड़े पैमाने पर नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
आपदाओं के लिए संवेदनशील अफगानिस्तान
अफगानिस्तान की भौगोलिक स्थिति इसे प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाती है। हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला के इलाके में भारतीय और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटों के मिलने के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। पिछले साल (2024) पश्चिमी अफगानिस्तान में आए भूकंपों में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि कई गांवों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है और राहत टीमें अब भी मलबे में लोगों की तलाश कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की जाने की संभावना भी जताई जा रही है।






