Gariaband News: आजादी के 79 साल बाद भी अंधेरे में जीवन, बिजली के लिए अनोखा विरोध, ग्रामीणों ने केंद्र सरकार को खून से लिखा पत्र
गरियाबंद। Gariaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक मार्मिक और अनोखा मामला सामने आया है, जहां वर्षों से बिजली सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा जाहिर करने के लिए खून से पत्र लिखकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी उनके गांवों में बिजली नहीं पहुंच पाई है, जिससे उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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जानकारी के अनुसार, राजापड़ाव क्षेत्र के पांच ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अड़गड़ी पहुंचे और वहां सामूहिक रूप से अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने के कारण उनके गांवों तक विद्युत लाइन नहीं पहुंच पाई है, जिसके चलते हजारों लोग आज भी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
खून से लिखी चिट्ठी में बयां किया दर्द
ग्रामीणों ने अपने खून से लिखे पत्र में बताया कि, बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो गई है और रोजमर्रा की जिंदगी अनेक समस्याओं से घिरी हुई है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
विकास से वंचित हैं कई गांव
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बिजली नहीं होने के कारण न तो आधुनिक तकनीकों का लाभ मिल पा रहा है और न ही ग्रामीणों को अन्य सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिल रहा है। शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।




