Haldwani Shuddhikaran Controversy: हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद मामले में राहुल गांधी ने खरगे के अपमान पर मांगी FIR, BJP-RSS पर साधा निशाना

नई दिल्ली। Haldwani Shuddhikaran Controversy: उत्तराखंड के हल्द्वानी से शुरू हुआ ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान के मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को सीधे संविधान, दलित सम्मान और छुआछूत के मुद्दे से जोड़ते हुए केंद्र और उत्तराखंड सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
नई दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक विचारधारा संविधान को मानने वालों की है, जबकि दूसरी भाजपा और आरएसएस की विचारधारा है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में हजारों वर्षों से दलितों के साथ हिंसा और अत्याचार की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन संविधान लागू होने के बाद जातिगत भेदभाव और छुआछूत कानूनन अपराध हैं। उन्होंने हल्द्वानी की घटना को इसी संदर्भ में उठाते हुए सवाल किया कि अगर किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया जाता है, तो क्या यह समानता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप है?
‘20 दिन हो गए, अब तक FIR क्यों नहीं?’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि खरगे की रैली के करीब दो दिन बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मंच का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया। उन्होंने कहा कि घटना को करीब 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले में तत्काल FIR दर्ज की जाए और जिन लोगों ने कथित तौर पर यह कृत्य किया, उनकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश देने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा नहीं चाहती कि दलित समाज सम्मान के साथ जिए और सफलता हासिल करे।
‘खरगे जी का अपमान हुआ, उन्हें न्याय मिलना चाहिए’
राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला केवल कांग्रेस का राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सम्मान और संविधान से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान हुआ है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। राहुल के मुताबिक उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि रैली खत्म होने के बाद कुछ लोगों ने मंच पर हवन कर कथित तौर पर उसका ‘शुद्धिकरण’ किया। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। विवाद बढ़ा तो मामला संसद तक पहुंच गया।
राज्यसभा में खरगे ने खुद उठाया था सवाल
13 अगस्त को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाया था। खरगे ने कहा था कि उन्होंने हल्द्वानी में रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था और अपने भाषण में किसी धर्म या समुदाय का नाम नहीं लिया था। खरगे के मुताबिक, उनके भाषण के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहां हवन किया।
उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या लोकतंत्र में विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जाना चाहिए? खरगे ने यह भी कहा था कि वह अनुसूचित जाति से आते हैं और उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कभी किसी से मदद या सुरक्षा की गुहार नहीं लगाई।
जेपी नड्डा ने कहा- ‘यह दुखद है, जांच करेंगे’
खरगे के आरोपों पर राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि जो कुछ हुआ वह दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। नड्डा ने कहा था कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और उन्होंने खरगे की भावनाएं आहत होने पर खेद भी जताया था।
राजभवन तक पहुंचा मामला
विवाद यहीं नहीं रुका। 24 अगस्त को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने राज्यपाल से राज्य सरकार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों की पहचान और संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की। प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार की चुप्पी सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
अब राहुल गांधी के बयान से फिर गरमाया विवाद
हल्द्वानी का विवाद पहले सड़क से संसद और फिर राजभवन तक पहुंचा। अब राहुल गांधी के ताजा बयान ने इसे एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
Haldwani Shuddhikaran Controversy: कांग्रेस जहां इसे दलित सम्मान और संविधान की लड़ाई बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और मामले की जांच की जाएगी। अब नजर इस बात पर है कि राहुल गांधी की FIR की मांग के बाद उत्तराखंड सरकार क्या कदम उठाती है और कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।




