Jaipur Crime News: हत्या की खौफनाक वारदात, 11-12 साल के नाबालिगों ने किया दोस्त का कत्ल, सिर काट कर धड़ से किया अलग, जानें वजह
जयपुर। Jaipur Crime News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 10 वर्षीय बच्चे की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्याकांड में पुलिस ने 11 और 12 वर्ष की उम्र के तीन नाबालिग लड़कों को पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बहन के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज होकर तीनों ने अपने दोस्त की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना मुहाना थाना क्षेत्र की है। 10 वर्षीय अजमत 14 जून से लापता था। करीब 11 दिन बाद, 25 जून को उसका सिर कटा शव बरामद हुआ। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। बाद में परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। मृतक मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला था और अपने परिवार के साथ जयपुर में रह रहा था। डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया। इनमें दो सगे भाई हैं, जबकि तीसरा उनका मौसेरा भाई है। तीनों मृतक के पड़ोसी और उसके दोस्त थे।
एक महीने पहले हुए विवाद का लिया बदला
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब एक माह पहले अजमत ने उनकी बहन के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। उसी समय तीनों ने बदला लेने का फैसला कर लिया और हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत 14 जून को तीनों ने अजमत को पार्टी करने के बहाने अपने साथ बुलाया। वे कुरकुरे और कोल्ड ड्रिंक लेकर कॉलोनी के पास स्थित नाले के किनारे पहुंचे, जहां चारों कुछ देर तक साथ बैठे।
पहले गला घोंटा, फिर शव के किए दो टुकड़े
पुलिस के मुताबिक, मौके पर तीनों ने पहले अजमत को गिराया और फिर दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद अपने साथ लाए धारदार चाकू से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया और वहां से फरार हो गए।
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Jaipur Crime News:हत्या के बाद दो आरोपी सामान्य तरीके से कॉलोनी में घूमते रहे, लेकिन तीसरा नाबालिग कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकला। उसकी संदिग्ध गतिविधियों ने पुलिस का ध्यान खींचा। पूछताछ में पहले विरोधाभासी बयान मिले, लेकिन बाद में तीनों ने पूरी घटना स्वीकार कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि तीनों नाबालिग पहली-दूसरी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ चुके थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों बाल अपचारियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया है। मामले की आगे की जांच जारी है।




