Sawan 2026 Date: कब से हो रही है सावन की शुरूआत, जानिए इस बार कितने सोमवार पड़ेंगे, क्या है इसका महत्व
भगवान शिव को क्यों प्रिय है सावन?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान सबसे पहले निकला हलाहल विष संपूर्ण सृष्टि के लिए संकट बन गया था। उस समय भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए उस विष का पान कर उसे अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। इसी दिव्य घटना के कारण सावन मास को भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है।
सावन सोमवार का विशेष महत्व
सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करते हैं। कई श्रद्धालु इसी दिन से सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत भी करते हैं। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत करने से विवाह, संतान, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मंगला गौरी व्रत और अन्य पर्व
श्रावण मास के मंगलवार माता पार्वती को समर्पित होते हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं और युवतियां मंगला गौरी व्रत रखकर सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इसके अलावा सावन में सावन शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या और कई अन्य धार्मिक पर्व भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।
शिव मंदिरों में बढ़ती है भक्तों की भीड़
सावन शुरू होते ही देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगती है। कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना के साथ पूरा माह शिव भक्ति के रंग में रंगा रहता है। मंदिरों में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि संयम, सेवा, भक्ति और आध्यात्मिक साधना का भी प्रतीक माना जाता है। इस पूरे माह श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए पूरे श्रद्धाभाव से आराधना करते हैं।
सावन की तिथियां
पहला सावन सोमवार- 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार- 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार- 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार- 24 अगस्त 2025



