अब तक का सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर, इतिहास में पहली बार 208 नक्सलियों ने एक साथ किया सरेंडर
रायपुर। Bastar Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के लिए आज एक महत्वपूर्ण दिन है। जहां इतिहास में पहली बार एक साथ 200 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। सरेंडर कार्यक्रम सुबह 11 बजे जगदलपुर के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित किया गया। जिसमें प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

वहीं नक्सली नेता रूपेश के नेतृत्व में 153 हथियारों के साथ कुल 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें AK-47, SLR, BGL जैसे घातक हथियार शामिल हैं। इनके साथ 2 SZCM (साउथ जोनल कमेटी मेंबर), 15 DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) और 25 ACM (एरिया कमेटी मेंबर) ने भी सरेंडर किया है। ऐसे में अब कहा जा रहा है कि, उत्तर बस्तर से लाल आतंक समाप्त हो जाएगा।

कार्यक्रम में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर्स का स्वागत परंपरागत मांझी-चालकी द्वारा किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और प्रेम, शांति एवं नए जीवन के प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।

Bastar Naxalites Surrender: इस अवसर पर नक्सल उन्मूलन प्रभारी ए डी जी विवेकानंद सिन्हा, सी आर पी एफ के बस्तर रेंज प्रभारी, कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर रेंज आई जी सुंदरराज पी. सहित कलेक्टर बस्तर हरिस एस, बस्तर संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, पूर्व पुलिस अधीक्षक, नक्सल उन्मूलन गतिविधियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, डिप्टी सीएम अरुण साव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





